तंजानिया में फिर से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल उभरा
डोडोमाः तंजानिया के उपराष्ट्रपति इमैनुएल नचिमबी ने राष्ट्रपति सामिया सुलूहू हसन के साथ मतभेदों की रिपोर्टों के बीच अपने पद से इस्तीफे की अभूतपूर्व घोषणा की है। 54 वर्षीय नचिमबी ने इंस्टाग्राम पर एक संक्षिप्त त्यागपत्र साझा करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति की इच्छा का सम्मान करना चाहते हैं। कार्यालय और राष्ट्रपति भवन के सूत्रों ने भी इस कदम की पुष्टि की है। नचिमबी ने कहा है कि वे अगले सप्ताह के अंत में सार्वजनिक जीवन से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 10 महीने से भी कम समय तक पद पर रहने वाले नचिमबी, पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के इतिहास में इस्तीफा देने वाले पहले उपराष्ट्रपति बन गए हैं।
वे बीते अक्टूबर में हुए विवादित राष्ट्रपति चुनाव में सामिया के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। इस चुनाव के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में भारी तबाही हुई थी। 98 प्रतिशत मतों से जीत के बाद दोनों ने पिछले साल नवंबर में शपथ ली थी। हालांकि, चुनाव के बाद हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 500 लोगों की जान चली गई थी। विपक्षी दलों और मानवाधिकार समूहों ने सुरक्षा बलों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूर दमन का आरोप लगाया था।
नचिमबी ने अपने त्यागपत्र में राष्ट्रपति सामिया से किए गए उस वादे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि राष्ट्रपति नया डिप्टी चाहती हैं तो वे पद छोड़ देंगे। उन्होंने लिखा, मुझे अब पूरा यकीन हो गया है कि राष्ट्रपति बदलाव चाहती हैं, इसलिए मैंने अपना वादा पूरा करने का फैसला किया है। उन्होंने राष्ट्रपति और सत्तारूढ़ चामा चा मापिनदुज़ी पार्टी को उनके विश्वास के लिए और तंजानिया की जनता को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। नचिमबी ने कहा कि वे संविधान के अनुसार पद छोड़ रहे हैं और आगे भी देश के अच्छे नागरिक बने रहेंगे।
हाल के सप्ताहों में उपराष्ट्रपति ने कुछ विवादास्पद टिप्पणियां की थीं, जो राष्ट्रपति के साथ उनके मतभेदों की ओर इशारा करती हैं। पिछले महीने उन्होंने तंजानिया के लोगों से नए संविधान के लिए लड़ने का आह्वान किया था और कहा था कि 2030 से पहले यह एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने नए संविधान को अन्याय दूर करने, मानवाधिकारों, सुशासन और लोकतंत्र को मजबूत करने से जोड़ा था। नचिमबी पूर्व में सीसीएम के महासचिव रहे हैं। उन्होंने ब्राजील और मिस्र में राजदूत बनने तथा उपराष्ट्रपति बनने से पहले सूचना एवं गृह मंत्री जैसे वरिष्ठ पदों पर सेवाएं दी थीं।