चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन पर कांग्रेस नेताओं की ओर से आ रही प्रतिक्रियाओं पर कड़ा प्रहार किया है।
तरुण चुग ने कहा कि अदालतों द्वारा नरसंहार के दोषी ठहराए गए व्यक्ति का महिमामंडन करना यह साफ दर्शाता है कि 1984 की दिल दहला देने वाली घटनाओं के पीछे जो क्रूर मानसिकता थी, वह आज भी कांग्रेस के भीतर पूरी तरह जीवित है।
🕯️ 1984 में मतदाता सूचियों से पहचान कर सिखों को जिंदा जलाया गया: तरुण चुग
दंगों की भयावहता और कांग्रेस पर सीधा आरोप:
-
घर-घर जाकर हिंसा: तरुण चुग ने आरोप लगाया कि 1984 में देश भर के कई शहरों में निर्दोष सिख परिवारों को उनके घरों से घसीटकर हिंसा का शिकार बनाया गया।
-
पहचान कर कत्लेआम: उन्होंने कहा कि उस दौरान मतदाता सूचियों का दुरुपयोग कर सिख परिवारों की पहचान की गई और लोगों को उनकी गलियों, घरों व आंगनों में टायर डालकर जिंदा जलाया गया था।
-
आज भी हरे हैं घाव: नरसंहार में शिक्षण संस्थानों, गुरुद्वारों और संपत्तियों को जानबूझकर तबाह किया गया, जिसके गहरे जख्म पीड़ित परिवारों के दिलों में आज भी हरे हैं।
⚖️ ‘सजायाफ्ता को राजनीतिक संरक्षण दिया, अब बयान देकर जख्मों पर छिड़क रहे नमक’
कांग्रेस के राजनीतिक संरक्षण पर सवाल:
-
सत्ता और संगठन में पद: भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि नरसंहार के बाद भी कांग्रेस सरकारों ने ऐसे आरोपियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए राजनीतिक संरक्षण दिया और उन्हें सरकार व संगठन में बड़े पदों से नवाजा।
-
पीड़ितों का अपमान: उन्होंने कहा कि अदालत से आजीवन कारावास की सजा पा चुके व्यक्ति के निधन पर कांग्रेस नेताओं द्वारा ‘रोल मॉडल’ और ‘अपूरणीय क्षति’ जैसे शब्दों का प्रयोग पीड़ित परिवारों की भावनाओं का खुला अपमान है।
❓ राजा वड़िंग, बाजवा और रंधावा से सवाल: ‘पीड़ितों के साथ हैं या आरोपियों के?’
पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग:
-
पंजाब के नेताओं से सवाल: तरुण चुग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा से सीधा सवाल किया कि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
-
रुख साफ करने की मांग: उन्होंने पूछा कि क्या पंजाब कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने वाले केंद्रीय नेताओं के बयानों से सहमत हैं या वे 1984 के पीड़ित सिख परिवारों के साथ खड़े हैं।
🏚️ ‘राहुल गांधी आज तक दिल्ली की सिख विधवा कॉलोनी क्यों नहीं गए?’
कांग्रेस आलाकमान पर सीधा हमला:
-
विधवा कॉलोनी का जिक्र: चुग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि गांधी परिवार के राजनीतिक केंद्र से महज कुछ दूरी पर दिल्ली की ‘सिख विधवा कॉलोनी’ स्थित है, लेकिन राहुल गांधी आज तक वहां रहने वाली माताओं-बहनों का दर्द बांटने नहीं पहुंचे।
-
माफी की मांग: उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक सुविधा की राजनीति छोड़ 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों से बिना शर्त माफी मांगे और यह साफ करे कि वह दंगों के दोषियों के प्रति अपनी पार्टी की विरासत को किस नजरिए से देखती है।