लुधियाना (पंजाब): महानगर के व्यस्त किदवई नगर चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के समीप मामूली सड़क दुर्घटना के बाद उपजे विवाद में खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। कार सवार युवक के साथ सरेराह मारपीट करने, अभद्र गाली-गलौज करने और जान से मारने की गंभीर धमकियां देने के आरोप में थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने गुलज़ार सिंह, उसके भतीजे और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
🚘 आई-20 कार में सामने से एक्टिवा ने मारी टक्कर, नुकसान देखने उतरे युवक से शुरू की बहस
पीड़ित शिकायतकर्ता मुकेश ने पुलिस को दिए आधिकारिक बयानों में बताया कि 12 अगस्त को वह अपने मित्र सूरज की आई-20 कार लेकर बाग सूफियां चौक की ओर जा रहा था।
जैसे ही वह किदवई नगर चौक स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के पास पहुंचा, तभी सामने से तेजी व लापरवाही से आ रहे एक एक्टिवा सवार दो युवकों ने उसकी कार में सीधी टक्कर मार दी। पीड़ित मुकेश ने जब गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर नीचे उतरकर नुकसान का जायजा लेने का प्रयास किया, तो एक्टिवा सवार दोनों युवक अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा उसी से उलझ गए और बदतमीजी करने लगे।
🥊 मौके पर पहुंचे साथियों ने की बेरहमी से पिटाई, गले से टूटी सोने की चेन हुई गायब
शोर-शराबा और हंगामा बढ़ता देख एक्टिवा सवार युवकों के परिचित गुलजार सिंह, उसका भाई, उसका भतीजा और दो अन्य अज्ञात व्यक्ति तुरंत मौके पर आ धमके।
पीड़ित का आरोप है कि इन सभी ने एकराय होकर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस हिंसक हाथापाई के दौरान पीड़ित के गले में पहनी हुई सोने की चेन टूटकर सड़क पर गिर गई और मौके से गायब हो गई। पीड़ित के चीखने-पुकारने पर जब आसपास के राहगीर और दुकानदार इकट्ठा होने लगे, तो सभी आरोपी उसे जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए।
👮♂️ थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच में जुटी टीमें
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने संबंधित थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
थाना डिवीजन नंबर 2 के जांच अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित मुकेश के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। नामजद आरोपियों गुलज़ार सिंह, उसके परिजनों और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।