फरीदाबाद के संतों के गुरुद्वारे में प्रधानी को लेकर खूनी झड़प: सील कमरे का ताला तोड़ने पर हंगामा, बाउंसरों पर मारपीट का आरोप
फरीदाबाद (हरियाणा): फरीदाबाद के थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक ‘संतों के गुरुद्वारे’ में दो ट्रस्टियों के बीच प्रधानी और प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अचानक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई और नौबत हाथापाई तक पहुँच गई। गुरुद्वारा परिसर में हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को परस्पर लिखित शिकायतें दी गई हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
📜 1978 से परिवार कर रहा देखरेख, फर्जी चुनाव कराकर प्रधान बनने का लगाया आरोप
कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत में एनआईटी फरीदाबाद निवासी हरीश अरोड़ा ने बताया कि उनके पिता मनोहर लाल वर्ष 1978 से संतों के गुरुद्वारे की निरंतर सेवा और देखरेख करते आ रहे हैं।
पिता की अधिक आयु होने के कारण वर्तमान में ट्रस्ट से संबंधित सभी प्रशासनिक कार्य हरीश अरोड़ा ही संभाल रहे हैं। शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि वर्ष 2011 में उनके पिता ने अमरजीत चावला को ट्रस्टी नियुक्त किया था, किंतु अनियमितताओं के चलते वर्ष 2019 में उन्हें ट्रस्ट से निष्कासित कर दिया गया था। आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व अमरजीत चावला ने कथित रूप से नियम विरुद्ध तरीके से चुनाव कराकर स्वयं को प्रधान घोषित कर दिया था। इस विवाद के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों ने गुरुद्वारे के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को एक अलमारी में सुरक्षित रखकर संबंधित कमरे को विधिवत सील कर दिया था।
🔓 सील कमरे का ताला तोड़कर अलमारी और रिकॉर्ड बाहर निकालने का दावा
हरीश अरोड़ा के अनुसार, स्थानीय प्रशासन द्वारा गुरुद्वारे का जो कमरा सील किया गया था, उसमें गुरुद्वारा साहिब से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, आय-व्यय का ब्योरा और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।
गुरुवार को उन्हें अचानक सूचना मिली कि अमरजीत चावला ने कथित रूप से सील किए गए कमरे का ताला खोलकर उसमें रखी अलमारी और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स बाहर निकाल लिए हैं। प्रशासनिक सील से छेड़छाड़ की खबर मिलते ही विवाद और अधिक गहरा गया।
🥊 भाई से मारपीट की सूचना पर पहुंचे परिजन, बाउंसरों पर लगा मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता हरीश अरोड़ा ने बताया कि इसके तुरंत बाद उनके भाई जगदीश अरोड़ा ने उन्हें फोन कर सूचना दी कि गुरुद्वारे में उनके साथ मारपीट की जा रही है।
सूचना पाते ही हरीश अरोड़ा अपनी पत्नी के साथ तुरंत गुरुद्वारे पहुँचे। उनका आरोप है कि मौके पर अमरजीत चावला और उनके साथ मौजूद निजी बाउंसरों ने उनके तथा उनके परिवार के साथ अभद्रता व मारपीट की। इस दौरान काफी देर तक गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बना रहा।
👮♂️ दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच, दोनों पक्षों को थाने तलब किया
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी राम निवास पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और दोनों पक्षों को शांत कराकर कानून व्यवस्था बहाल की।
थाना प्रभारी राम निवास ने बताया कि हरीश अरोड़ा और अमरजीत चावला दोनों ही पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों को संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ थाने में तलब किया है। मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।