इंटरनेट की दुनिया मजे ले रही है ऐसे बयान युद्ध का
कंगना ने कहा था गटर जेनरेशन
सौरभ ने कहा पत्रकार हूं बेकार नहीं
लोग इस विवाद का मजा ले रहे हैं
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हालिया छात्र विरोध प्रदर्शन के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और भारतीय जनता पार्टी की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच सोशल मीडिया पर वाकयुद्ध छिड़ गया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंडी से लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर सौरभ दास के उम्र और उनकी छात्र पहचान पर सवाल उठाते हुए उन्हें बेरोजगार और निकम्मा करार दिया।
कंगना ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने गूगल पर सौरभ के बारे में खोजा, जहाँ उनकी उम्र 28 वर्ष दिखाई गई। इसी आधार पर उन्होंने कटाक्ष किया कि इस उम्र में खुद को छात्र बताना समझ से परे है। कंगना ने अपनी उपलब्धियों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र से आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली थी और अपनी उम्र के उस पड़ाव तक आते-आते वे दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी थीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा की भी कड़ी निंदा की और इसे घृणित बताया।
इस पर पलटवार करते हुए सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि कंगना की जानकारी गलत है। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 28 नहीं बल्कि 27 वर्ष है और उन्होंने कभी खुद को सक्रिय छात्र होने का दावा नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे एक पत्रकार हैं। सौरभ ने तंज कसते हुए कहा, यहाँ तक कि गूगल भी कंगना को मेरे बारे में गलत जानकारी दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सीखने की प्रक्रिया किसी शिक्षण संस्थान तक सीमित नहीं है। वे खुद को जीवन का विद्यार्थी मानते हैं और उन्होंने कंगना को भी जीवन से सीखने की सलाह दी।
यह विवाद तब गहराया जब सौरभ दास की पार्टी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन को सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला था। कंगना ने इन प्रदर्शनों के वीडियो को उल्टी पैदा करने वाले बताया, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। यह घटनाक्रम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और राजनीतिक शिष्टाचार पर एक तीखी बहस का केंद्र बन गया है।