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प्राचीन मानव कुशल औजार निर्माता भी थे

पांच लाख साल पहले हाथी की हड्डी का हथौड़ा मिला

दक्षिणी इंग्लैंड में पाया गया है इसे

इसे शुरुआती मानव प्रजाति ने बनाया

उस काल के लिए यह महत्वपूर्ण था

राष्ट्रीय खबर

रांचीः पुरातत्वविदों ने लगभग 5 लाख साल पुराने हाथी की हड्डी से बने एक प्रागैतिहासिक हथौड़े की पहचान की है। दक्षिणी इंग्लैंड में पाया गया यह उपकरण यूरोप में खोजा गया हाथी की हड्डी का सबसे पुराना ज्ञात औजार है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन के शोधकर्ताओं ने इस दुर्लभ अवशेष का विश्लेषण किया, जो शुरुआती मानव पूर्वजों की बुद्धिमत्ता और तकनीकी क्षमताओं की एक उल्लेखनीय झलक प्रदान करता है। उनके निष्कर्ष साइंस एडवांसेस पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।

यह उपकरण संभवतः शुरुआती निएंडरथल या होमो हीडलबर्गेंसिस द्वारा बनाया गया था। भारी हथौड़े के रूप में उपयोग किए जाने के बजाय, इसने एक नरम आघाती उपकरण (सोफ्ट स्ट्राइकिंग टूल) के रूप में काम किया, जिसका उपयोग पत्थरों की कुल्हाड़ियों और अन्य काटने वाले औजारों की धार को तेज करने और उनकी मरम्मत के लिए किया जाता था।

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मुख्य लेखक साइमन पारफिट के अनुसार, हमारे प्राचीन पूर्वजों के पास न केवल स्थानीय सामग्रियों का गहरा ज्ञान था, बल्कि परिष्कृत पत्थर के औजार बनाने की उन्नत समझ भी थी। हाथी की हड्डी एक दुर्लभ लेकिन बेहद उपयोगी संसाधन रही होगी।

जीवाश्म बन चुकी यह वस्तु मोटे तौर पर त्रिकोणीय आकार की है, जिसकी लंबाई लगभग 11 सेंटीमीटर, चौड़ाई 6 सेंटीमीटर और मोटाई 3 सेंटीमीटर है। माइक्रोस्कोपिक विश्लेषण और 3D स्कैनिंग से पता चला कि इस पर प्रभाव के कई निशान थे, और इसमें चकमक पत्थर (फ्लिंट) के छोटे टुकड़े फंसे हुए थे। हड्डी पत्थर की तुलना में थोड़ी नरम होती है, जिससे औजार निर्माता अत्यधिक क्षति पहुँचाए बिना अधिक सटीकता से काम कर सकता है। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि इस वस्तु का उपयोग रिटचर के रूप में किया जाता था—एक ऐसा उपकरण जिससे घिसे हुए पत्थर के औजारों पर हल्की चोट मारकर उनकी मूल आकृति और धार वापस लाई जाती थी।

यह उपकरण इंग्लैंड के वेस्ट ससेक्स में चिचेस्टर के पास स्थित बॉक्सग्रोव पुरातत्व स्थल से प्राप्त हुआ था। हालांकि ओल्डुवई जॉर्ज (तंजानिया) में 15 लाख साल पुराने हाथी की हड्डी के औजार मिले हैं, लेकिन यूरोप में चार लाख तीस हजार साल से पहले के ऐसे औजार अत्यंत दुर्लभ हैं। बॉक्सग्रोव की यह खोज यूरोप में हाथी की हड्डी की तकनीक के ज्ञात इतिहास और भौगोलिक क्षेत्र का विस्तार करती है, जिससे साबित होता है कि ब्रिटेन में प्राचीन मानव दुर्लभ सामग्रियों का सावधानीपूर्वक चयन करके परिष्कृत औजार तैयार करते थे।

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