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इंडिया टूडे समूह में देर रात बड़ी फेरबदल

अचानक एक सौ बीस लोगों को निकाला

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः आज आपका आखिरी दिन है। कृपया अपना इस्तीफा सौंप दें। मीडिया समूह टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड के नोएडा सेक्टर 16 स्थित कार्यालय में कार्यरत अनमोल कुमार महतो (नाम बदला हुआ) के अनुसार, उनकी शिफ्ट खत्म होने से ठीक एक घंटे पहले उनसे यही बात कही गई थी। वह पिछले दो सालों से आज तक की हिंदी वेबसाइट टीम में कार्यरत थे। उन्हें भूतल  पर स्थित एक केबिन में बुलाया गया जहाँ उनके मैनेजर और एचआर प्रतिनिधि बबिता उनका इंतजार कर रहे थे।

अनमोल का दावा है कि एचआर के पास उनका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट पेपर पहले से ही तैयार था और उनसे कहा गया कि यह कदम कंपनी में चल रहे पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा है। दबाव के बाद उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपा, लैपटॉप और पहचान पत्र जमा किया और दफ्तर से बाहर चले गए।

सहकर्मियों और कर्मचारियों का दावा है कि 20 जुलाई से 24 जुलाई के बीच कंपनी के विभिन्न विभागों से लगभग 120 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है। प्रभावित होने वालों में सबसे बड़ी संख्या आज तक हिंदी डिजिटल/वेबसाइट टीम के पत्रकारों और संपादकों की है। इसके अलावा कैमरा ऑपरेशंस, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स, फैक्ट-चेकिंग, डेटा इंटेलिजेंस यूनिट, आज तक रेडियो और इंडिया टुडे की अंग्रेजी वेब टीम के कर्मी भी इस छंटनी की चपेट में आए हैं।

कर्मचारियों के अनुसार, जिन्होंने एचआर और मैनेजरों के निर्देश पर तुरंत इस्तीफा दिया, उन्हें दो महीने का पूरा वेतन दिया जा रहा है। वहीं, जिन कर्मचारियों ने इस्तीफा देने से इनकार किया, उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और उन्हें केवल दो महीने का मूल वेतन दिया जाएगा। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

13 वर्षों से आज तक में कार्यरत राजू देव(नाम बदला हुआ) ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्मचारी वार्षिक अप्रेजल का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, मैं हमेशा की तरह काम पर आया था। दोपहर में मुझे नीचे बुलाया गया और तुरंत इस्तीफा देने को कहा गया। कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। इस्तीफा सौंपते ही मेरा लैपटॉप और आईडी कार्ड जब्त कर लिया गया। मैंने इस संस्थान को 13 साल दिए, लेकिन मुझे अपने सहयोगियों से मिलने तक की इजाजत नहीं दी गई। मैं ठगा हुआ महसूस कर रहा हूँ। चार साल से कार्यरत नैना राजपूत ने भी अपनी आपबीती में बताया कि दोपहर 12 बजे उन्हें बुलाकर तुरंत घर जाने को कह दिया गया।

इस बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के पीछे कंपनी का वित्तीय संकट और घटती कमाई को मुख्य वजह माना जा रहा है। इंडिया टुडे और आज तक जैसे प्रमुख ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष में 81 प्रतिशत घटकर लगभग 14 करोड़ रुपये रह गया है। विज्ञापन से होने वाली आय में गिरावट और रेडियो व्यवसाय में हुए घाटे को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों का दावा है कि कम वेतन वाले छोटे स्तर के कर्मियों पर इस छंटनी की सबसे ज्यादा गाज गिरी है।