Breaking News in Hindi

कैबिनेट में लोक परीक्षा कानूनें में कड़े प्रावधान

कल रात के फेसबुक लाइव के बाद सक्रिय हुए मोदी

  • अब दस साल तक की कैद

  • जुर्माने की रकम अब दस करोड़

  • संसद में बिल लाया जाएगा इसका

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः देश में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने तथा पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून में संशोधनों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।  प्रस्तावित संशोधनों के तहत परीक्षा पत्रों को लीक करने, सॉल्वर गैंग चलाने और संगठित धांधली में शामिल अपराधियों के लिए बेहद कड़े दंड और भारी वित्तीय जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संशोधित कानून के तहत पेपर लीक या परीक्षा प्रक्रिया में बड़ी धांधली में दोषी पाए जाने वाले आरोपियों को अब अधिकतम 10 साल तक की कठोर कारावास की सजा दी जा सकेगी।

दोषी व्यक्तियों के लिए न्यूनतम कारावास की अवधि को मौजूदा 3 साल से बढ़ाकर 5 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है।  संगठित अपराध में शामिल संस्थाओं, सर्विस प्रोवाइडरों और माफियाओं पर वित्तीय नकेल कसने के लिए जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों को लक्षित करना है। परीक्षा में शामिल होने वाले आम और निर्दोष अभ्यर्थियों को इसके दंडात्मक प्रावधानों से बाहर रखा गया है।

हाल के वर्षों में नीट, सीयूईटी और विभिन्न राज्य व केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा तकनीकी धांधली के कई मामले सामने आए थे। इससे लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य और मेहनत पर पानी फिर जाता था। कैबिनेट के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की प्रणाली को अभेद्य बनाना और नकल माफिया में कड़ा डर पैदा करना है। संशोधित विधेयक को आगामी संसद सत्र में पेश किए जाने की संभावना है, ताकि इसे जल्द से जल्द कानूनी रूप दिया जा सके।