जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन रात के लाठी चार्ज के बाद भी जारी
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्लीः पेपर लीक मामलों को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे युवाओं का कल्याण और भविष्य सबसे ऊपर है। पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी और त्वरित सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय लिया गया है और अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, प्रधानमंत्री के इस आश्वासन को खारिज करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-मोलभाव योग्य मांग है और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दास ने बताया कि उनकी पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से लगातार बातचीत हुई है और दोनों इस बात पर सहमत हैं कि यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक और शांतिपूर्ण रहेगा। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमारे आंदोलन की असली ताकत शांति और अहिंसा में है। सरकार की बर्बर कार्रवाई के बावजूद जिस धैर्य, साहस और दृढ़ता का परिचय समर्थकों ने दिया है, उस पर हमें गर्व है।
दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक (जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं) ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न करने का स्पष्ट और बिना शर्त आश्वासन देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। इस बीच, जंतर-मंतर पर सीजेपी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन और संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 10 अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार, संसद मार्ग थाने में 4, कनॉट प्लेस में 3 और मंदिर मार्ग, कर्तव्य पथ तथा बाराखंभा रोड थाने में 1-1 एफआईआर दर्ज की गई है।