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पेपर लीक पर पीएम मोदी के ऐलान को CJP ने बताया ‘टूटी हड्डी पर बैंड-एड’, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामलों की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के ऐलान पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। CJP ने इसे “टूटी हुई हड्डी पर बैंड-एड लगाने जैसा” करार दिया है और प्रधानमंत्री के इस कदम को छात्रों के साथ एक क्रूर मजाक बताया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि सरकार छात्रों और युवाओं के बजाय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्राथमिकता क्यों दे रही है?

🗣️ “समस्या बहुत गहरी है, युवाओं को चाहिए जवाबदेही”

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बयान जारी कर कहा कि पेपर लीक की समस्या इसलिए नहीं हो रही है कि देश में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कमी है, बल्कि इसलिए हो रही है क्योंकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक फूलप्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाने में पूरी तरह नाकाम और अक्षम साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के वादों के बजाय तुरंत न्याय और जवाबदेही चाहता है, जिसकी शुरुआत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से होनी चाहिए।

📋 CJP की 4 प्रमुख मांगें, जब तक पूरी नहीं होगा प्रदर्शन

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी निम्नलिखित 4 मांगें पूरी नहीं करती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर पर जारी रहेगा:

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

  • खुदकुशी करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

  • शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।

  • छात्रों के साथ ज्यादती और हिंसा करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

💻 सोशल मीडिया पर साधा निशाना और पीएम मोदी का बयान

प्रधानमंत्री के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने शिक्षा मंत्री की तस्वीर के साथ तंज कसते हुए निशाना साधा। इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।