Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बिहार में आसमान से बरसी आफत, बांका, लखीसराय और जमुई में ठनका गिरने से 9 की मौत; ₹4-4 लाख मुआवजे की घ... हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हाहाकार: 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, मंडी और शिमला में बिजली-प... हिमाचल में मानसून का कहर: बारिश और भूस्खलन से 157 की मौत, 259 सड़कें बंद; ₹886 करोड़ का नुकसान बैक्टीरिया जो यूरेनियम को स्थिर रूप में बदल सकती है अल मोचा बंदरगाह पर मिसाइल और ड़्रोन हमले सीरिया का रूस के साथ इनके भविष्य को लेकर समझौता हुजूर आते आते बहुत देर कर दी इस सदी का सबसे भीषण भूकंप झेला कोलंबिया में अरुणाचल प्रदेश के सीएम खांडू के खिलाफ अभियान जारी है सूचना के अधिकार से वह खुलासा हुआ, जिसे छिपाया गया

नीट, राम मंदिर और सीजेपी आंदोलन की चर्चा से परहेज

इनका नाम लेते ही संसद हो रहा है स्थगित

  • विपक्ष की नारेबाजी की दलील

  • ओम बिड़ला से मिले थे सांसद

  • सत्ता पक्ष का विपक्ष पर आरोप

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन, मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर बार-बार के व्यवधान के बाद दोनों सदनों को अगले दिन, यानी बुधवार (22 जुलाई) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

कार्यवाही शुरू होने से पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा संकट को लेकर सरकार की जवाबदेही की कमी पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की अनुमति मांगी। दूसरी ओर, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेता संसद परिसर के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी और प्रदर्शन करते देखे गए।

सूचीबद्ध एजेंडे के अनुसार, केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को वैधानिक संरक्षण देने के उद्देश्य से राज्यसभा में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने वाली थी। वहीं, लोकसभा में उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार करने और उसे पारित कराने का कार्यक्रम तय था।

सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होने पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, विपक्ष की सदन चलाने में कोई रुचि नहीं है। कल भी सदन नहीं चल सका था क्योंकि विपक्षी सांसद प्रदर्शन में व्यस्त थे। वे लगातार सदन के काम में बाधा डाल रहे हैं, जिससे जनता के गाढ़े पसीने की कमाई की बर्बादी हो रही है।