तमाम कोशिशों के बाद भी होर्मुज पर पकड़ बनाने में कामयाबी नहीं
एजेंसियां
दुबईः अमेरिकी मध्य कमान के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार सातवीं रात भी हवाई हमले पूरे कर लिए हैं। शनिवार तड़के जारी एक आधिकारिक बयान में सेंटकॉम ने पुष्टि की कि इस ताजा सैन्य कार्रवाई में लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और युद्धपोतों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरानी निगरानी स्थलों, सैन्य साजो-सामान के बुनियादी ढांचे, भूमिगत हथियार भंडारों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट करना था।
पिछले एक सप्ताह से दोनों देशों के बीच शत्रुता का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। जहां एक तरफ अमेरिकी सेना लगातार रात के समय ईरानी ठिकानों को निशाना बना रही है, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी पलटवार का दावा किया है। ईरान का दावा है कि उसने सीरिया, कुवैत, ओमान, बहरीन और जॉर्डन में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले किए हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि जरूर की है कि इस सप्ताह जॉर्डन में स्थित कम से कम दो अमेरिकी ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों में कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
इस सैन्य टकराव का सबसे गंभीर असर वैश्विक व्यापार मार्ग पर पड़ा है। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। एक ग्रीक समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम टूटने के बाद कोई भी शिपिंग क्रू इस खतरनाक जलमार्ग से गुजरने का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, हम व्यापारिक लिहाज से सबसे बुरे दौर में वापस आ गए हैं, फिलहाल कोई भी आगे बढ़ने को तैयार नहीं है।