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वर्ष 2025 से ही माल उड़ाने में लगे थे आरोपी

राम मंदिर दान चोरी का नया खुलासा

राष्ट्रीय खबर

लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले में आरोपियों के बीच हुई मोबाइल चैट से यह खुलासा हुआ है कि उन्होंने मई 2025 में चोरी की कमाई के बंटवारे पर चर्चा की थी। इससे संकेत मिलता है कि यह गबन काफी लंबे समय से चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में वर्तमान में जेल में बंद आरोपियों के मोबाइल फोन के चैट बैकअप की जांच की है।

सूत्रों ने बताया कि चैट से पता चला है कि कई करोड़ रुपये की चोरी की रकम को आपस में बांटने को लेकर आरोपियों के बीच कुछ विवाद था। आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से ये सभी चैट डिलीट कर दिए थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए एक आरोपी अविनाश शुक्ला ने मध्यस्थता की थी। गौरतलब है कि पुलिस ने इससे पहले शुक्ला के आवास से 20 लाख रुपये नकद और कुछ अमेरिकी डॉलर बरामद किए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए डिजिटल डेटा और चैट की जांच कर रही है। पुलिस ने रविवार को जिला जेल में आरोपियों से पूछताछ भी की।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को अयोध्या शहर में लगी पाबंदियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री आवास की तर्ज पर होनी चाहिए, और शहर में अनावश्यक बैरियर लगाना सही नहीं है। कुल मिलाकर अब तक लगातार जितने भी तथ्य सामने आये हैं, उससे स्पष्ट हो रहा है कि मंदिर में दान चोरी का एक संगठित गिरोह स्थापित हो चुका था। वे किसके शह पर यह काम कर रहे थे, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। दूसरी तरफ ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के त्यागपत्र देने के बाद भी अधिसंख्य लोग चंपत राय को इससे अलग करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि सारी देख रेख की जिम्मेदारी उनकी ही थी।