प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही कृषि गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। खरीफ सीजन 2026 के लिए निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद-बीज की कमी न हो और वितरण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
🚜 खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण और वितरण
किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग ने व्यापक प्रबंध किए हैं। खरीफ सीजन के लिए 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 3.09 लाख क्विंटल बीज पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। उर्वरकों के मामले में भी स्थिति संतोषजनक है; 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। प्रदेश में धान, मक्का, कोदो-कुटकी और दलहन फसलों की बुआई लगातार जारी है।
💰 किसानों के लिए कृषि ऋण में बड़ी बढ़ोतरी
राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से अल्पकालीन ऋण उपलब्ध करा रही है। इस वर्ष 30 जून तक 5,525 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो पिछले साल की इसी अवधि (4,517 करोड़) की तुलना में काफी अधिक है। सरकार ने इस वर्ष कुल 8,800 करोड़ रुपये का ऋण वितरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि किसान अपनी खेती की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
⛈️ अच्छी बारिश से बढ़ी उम्मीदें
प्रदेश में 2 जुलाई 2026 तक औसतन 96.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अच्छी वर्षा के कारण जल स्रोतों का स्तर सुधरा है और आने वाले हफ्तों में बुआई के रकबे में और तेजी आने की पूरी उम्मीद है। कृषि विभाग लगातार सभी समितियों में उर्वरक और बीज के स्टॉक की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी किसान को कोई परेशानी न हो।