रिश्वत मांगने में शामिल थे दीपक गहलावत
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डीजीसीए में प्रतिनियुक्त था अफसर
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नकली दवा निर्माण से जुड़ा मामला
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व्यापारी को उनके पास लाया गया
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उन पर पुडुचेरी के एक व्यवसायी के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच को प्रभावित करने के बदले 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। जिस समय यह कथित घटनाक्रम हुआ, उस समय श्री गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात थे।
इस मामले का खुलासा पिछले महीने हुआ था, जब सीबीआई ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और राजकुमार नामक व्यक्ति को रिश्वत की राशि के लेनदेन में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके पास से 24.70 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई थी। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, व्यवसायी एन. राजा (जिसे वल्लियप्पन और श्री राजशेखर के नाम से भी जाना जाता है) और उसके सहयोगी राजकुमार के साथ मिलकर सीबीआई मामलों में अनुचित लाभ दिलाने के लिए अवैध धन की उगाही कर रहे थे।
व्यवसायी एन. राजा पुडुचेरी सरकार के संदर्भ में सीबीआई द्वारा दर्ज नकली दवा निर्माण के मामलों में आरोपी है। जांच के अनुसार, 14 मई 2026 को राजकुमार और व्यवसायी ने दिल्ली हवाई अड्डे के पास इंस्पेक्टर से मुलाकात की थी। सीबीआई को संदेह है कि इंस्पेक्टर ही उन्हें पास ही स्थित दीपक गहलावत के कार्यालय ले गया था। एफआईआर में उल्लेख है कि बैठक के दौरान, आईपीएस अधिकारी ने व्यवसायी को सीबीआई के भीतर अपने संपर्कों और प्रभाव का उपयोग करके मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिलाया था।
दो दिन बाद, व्यवसायी ने अपनी पत्नी से बातचीत में खुलासा किया कि उस लोक सेवक ने 3 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले मदद करने पर सहमति जताई है और अग्रिम राशि के रूप में आधी रकम की मांग की है। सीबीआई के अनुसार, इसके बाद व्यवसायी ने चेन्नई स्थित एक हवाला ऑपरेटर से संपर्क किया ताकि 1 करोड़ रुपये दिल्ली भेजे जा सकें। यह रकम 8 जून को इंस्पेक्टर को चांदनी चौक में दी जानी थी। इसी के आधार पर सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और अब दीपक गहलावत की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।