Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि... Delhi Green Drive Portal: दिल्ली को 'ग्रीन और क्लीन' बनाने की बड़ी पहल, CM रेखा गुप्ता ने किया पोर्टल...

Deoghar News: बाबा बैद्यनाथ धाम में निकासी द्वार विवाद, पंडा धर्म रक्षिणी सभा के विरोध के बाद निर्माण कार्य पर सवाल

विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में निकासी द्वार के कथित चौड़ीकरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर प्रबंधन के प्रमुख संगठन ‘पंडा धर्म रक्षिणी सभा’ ने जिला प्रशासन पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सभा का कहना है कि मंदिर की मूल संरचना और सदियों पुरानी परंपराओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

📜 पंडा समाज का तर्क और चेतावनी

पंडा धर्म रक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने निर्माण कार्य से पूर्व उनसे कोई परामर्श नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निकासी द्वार को चौड़ा करने का प्रयास मंदिर की धार्मिक मान्यताओं और ‘गंवाली पूजा’ की प्राचीन परंपरा को प्रभावित करेगा। सभा ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य को नहीं रोका गया, तो वे इस मामले को राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।

🏗️ प्रशासन की सफाई: केवल शेड की मरम्मत हो रही है

दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एसडीएम सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि निकासी द्वार के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा, “मंदिर के बाहर मौजूद एक जर्जर शेड की मरम्मत का काम चल रहा है, ताकि आगामी श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से राहत मिल सके।” प्रशासन के अनुसार, मंदिर की ऐतिहासिक आकृति को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।

⚖️ श्राइन बोर्ड की भूमिका और संवेदनशीलता

बाबा बैद्यनाथ धाम का संचालन श्राइन बोर्ड के अंतर्गत होता है, जिसके अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं। किसी भी बड़े निर्माण के लिए बोर्ड की स्वीकृति अनिवार्य है। पंडा समाज के विरोध के चलते फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है। अब श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की परंपराओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती प्रशासन के सामने है।