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ऑल इंडिया न्यूजपेपर्स पब्लिशर्ष एंड एडिटर्स एसोसियेशन की बैठक 

20 जुलाई 2026 को रांची प्रेस क्लब में ‘ऑल इंडिया न्यूजपेपर्स पब्लिशर्ष एंड एडिटर्स एसोसियेशन’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अखबारों के संचालन में आ रही व्यावहारिक और वित्तीय समस्याओं पर चर्चा करना था।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अशोक कुमार ने कहा कि यह पहल सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि प्रकाशकों और संपादकों की पीड़ा को सरकार तक पहुंचाने का एक जरिया है। उन्होंने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिल्ली जाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विभागीय मंत्री और उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेगा।

मुख्य मुद्दे और सुझाव:

जीएसटी और वित्तीय राहत: बैठक में प्रमुखता से मांग उठाई गई कि 75 हजार से कम प्रसार संख्या वाले अखबारों को जीएसटी और जटिल प्रक्रियाओं से पूर्ण छूट दी जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अखबार ही एकमात्र ऐसा उत्पाद है जो अपनी लागत से काफी कम कीमत पर बिकता है और पाठकों से जीएसटी नहीं वसूला जाता।

पूर्व व्यवस्था की बहाली: प्रेम शंकरण, प्रशांत कुमार और सुमन कुमार सिंह ने बार-बार नियम बदलने पर चिंता जताई और पूर्व की व्यवस्था लागू करने की मांग की। सुझाव दिया गया कि यदि जीएसटी अनिवार्य है, तो इसे न्यूजप्रिंट निर्माताओं और विज्ञापनदाताओं से ‘सोर्स पर’ ही वसूला जाए। नित्यानंद शुक्ला, अनुपम शशांक, राज किशोर सिन्हा और विनय कुमार ने जीएसटी को पूरी तरह समाप्त करने की वकालत की।

अनुदान और सरकारी नीतियां: इकबाल शबा ने ध्यान दिलाया कि पहले सरकार अखबारी कागज पर अनुदान देती थी, जबकि अब जीएसटी वसूला जा रहा है। साथ ही राज्य स्तर पर एमपैनलमेंट की परेशानियों और प्रिंटिंग प्रेस से अनुमोदन की शर्त को हटाने की मांग की गई।

पारदर्शिता और संगठन की मजबूती: नित्यानंद शुक्ला ने आवेदन अस्वीकृत होने पर उसका कारण सार्वजनिक करने और व्यापक सदस्यता अभियान चलाने की बात कही। संपूर्णानंद भारती और हिमांशु ने संगठन की एकजुटता पर बल दिया।

संगठनात्मक निर्णय:

संगठन को मजबूत बनाने और आधिकारिक दर्जा देने के लिए इसके विधिवत पंजीयन का निर्णय लिया गया। इसके तहत अशोक कुमार, कमल किशोर, प्रेम शंकरण, रजत कुमार गुप्ता, अनुपम शशांक और एकबाल शबा को शामिल कर एक तदर्थ  कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई गई। सदस्यता फॉर्म तैयार करने की जिम्मेदारी रोहित दत्त को सौंपी गई। अस्थायी कोष संग्रह के लिए संदीप कुमार को अधिकृत किया गया।

इस विषय में पूर्व के घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कमल किशोर ने कहा कि पिछली बार के दिल्ली दौरे में जो कुछ भी उपलब्धियां हासिल हुई थी वह  इसी एसोसियेशन के शिष्टमंडल की वजह से हो पाया था। उन्होंने जीएसटी और प्रेस संबंधी मुद्दों पर भी व्यवहारिक तकनीकी मुद्दों का विस्तार से उल्लेख करते हुए सदस्यों से एकजुटता बनाये रखते हुए संगठन को और विस्तार देने की अपील की। इन प्रयासों का मकसद समाचार पत्रो को प्रकाशन में व्यवधानों को सरकार से मिलकर दूर करना ही है।