West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का हुआ ऐलान
पश्चिम बंगाल: राज्य सरकार ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य में UCC का ड्राफ्ट बनाने के लिए गठित कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। राज्य सरकार इस बिल का ड्राफ्ट 2 जुलाई को कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश करेगी।
📋 कमेटी का स्वरूप और कार्यक्षेत्र
इस प्रस्तावित बिल को उत्तराखंड, असम और गुजरात के UCC मॉडल के आधार पर तैयार किया जाएगा। कमेटी में एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता समेत अन्य सदस्य शामिल होंगे। यह कमेटी कुल 9 महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेगी, जिनमें शामिल हैं:
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शादी और तलाक के कानून।
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संपत्ति की विरासत और उत्तराधिकार।
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बच्चों की गार्जियनशिप और गोद लेने से संबंधित नियम।
⏳ चार हफ्ते में रिपोर्ट, अगस्त में बिल की तैयारी
सरकार ने इस कमेटी को अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अगस्त महीने में कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद UCC बिल लाया जाएगा। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि इस कानून के दायरे से मूलनिवासी, आदिवासी और कुर्मी जनजातियों को फिलहाल बाहर रखा जाएगा। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि धर्म के आधार पर राज्य में दो तरह के कानून नहीं चलेंगे।
🗣️ राजनीतिक घमासान और विरोध के स्वर
बंगाल में इस प्रस्तावित कानून को लेकर सियासी पारा गर्म है। बीजेपी ने इसे अपना चुनावी वादा बताते हुए कहा है कि ‘एक देश, एक कानून’ उनकी विचारधारा का मूल है। वहीं, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर हर मंच पर उठाएंगे। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस कदम को डेमोग्राफिक बदलावों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी बताया है।