Ashish Deshmukh Statement: महाराष्ट्र सरकार में विपक्ष के विधायकों के शामिल होने पर उठे सवाल; मौजूदा विधायकों के साथ अन्याय की जताई चिंता
नागपुर: महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही उठापटक के बीच बीजेपी के वरिष्ठ विधायक आशीष देशमुख का एक बड़ा बयान सामने आया है। एक तरफ जहाँ वे केंद्र सरकार की मजबूती के लिए विपक्षी सांसदों के एनडीए (NDA) में आने का स्वागत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने राज्य की महायुति सरकार में विपक्षी विधायकों को शामिल करने की आवश्यकता पर सवाल खड़े किए हैं।
⚖️ ‘मौजूदा विधायकों के साथ हो सकता है अन्याय’
सावनेर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक आशीष देशमुख ने स्पष्ट कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के पास पहले से ही 288 में से 237 विधायकों का प्रचंड बहुमत (दो-तिहाई से अधिक) है। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष के और विधायकों को गठबंधन में शामिल करने से मौजूदा विधायकों की स्थिति कमजोर हो सकती है और उनके साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने महायुति नेतृत्व से इस रणनीति पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।
🗳️ केंद्र और राज्य की अलग जरूरतें
देशमुख ने कहा, “विपक्ष के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों का पाला बदलना केंद्र सरकार को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है और हम उनका स्वागत करते हैं, क्योंकि कई महत्वपूर्ण बिल पास करने के लिए मजबूत केंद्र की आवश्यकता है। लेकिन महाराष्ट्र में स्थिति अलग है, यहाँ हमारे पास पहले से ही सक्षम बहुमत है।” उनका यह बयान तब आया है जब शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की खबरें चर्चा में हैं।
🎬 ‘ट्रेलर अभी बाकी है’ बनाम बीजेपी का स्टैंड
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने हाल ही में संकेत दिए थे कि विपक्ष के और नेता उनके संपर्क में हैं और फिल्म का ‘ट्रेलर’ अभी बाकी है। दूसरी ओर, आशीष देशमुख का यह स्टैंड पार्टी के भीतर की अलग राय को उजागर करता है। उल्लेखनीय है कि आशीष देशमुख विदर्भ के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं और 2024 के चुनाव में कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली सावनेर सीट जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक कुशलता साबित की है।