Akal Takht Sahib Meeting: सीएम भगवंत मान के वायरल वीडियो मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट का बड़ा खुलासा; बैठक में हुई चर्चा
अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण पंथक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ‘गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026’ की धाराओं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक विवादित वायरल वीडियो पर विस्तृत चर्चा हुई। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अब कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
🔬 फोरेंसिक रिपोर्ट में वीडियो को माना गया ‘सही’
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने जानकारी दी कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को जांच के लिए फोरेंसिक लैब के नाम सुझाने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। इसके बाद अकाल तख्त ने स्वयं दो मान्यता प्राप्त एजेंसियों से जांच कराई। दोनों एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के उस वायरल वीडियो को सही पाया है जिसमें वे कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकतें करते हुए दिख रहे हैं।
⚠️ वीडियो में बेहद आपत्तिजनक दृश्यों का दावा
बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि वायरल वीडियो में पंजाब के मुख्यमंत्री दस सिख गुरुओं और शहीद संत ज्ञानी जरनैल सिंह खालसा भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ बेहद आपत्तिजनक हरकतें कर रहे हैं। इन दृश्यों को लेकर सिख समुदाय में भारी आक्रोश है और जत्थेदार ने इसे कौम के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है।
🤝 एकजुटता और मर्यादा की रक्षा का संकल्प
बैठक में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों और सिख विद्वानों ने हिस्सा लिया। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर कौम के हितों और तख्त की गरिमा की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
🗓️ भविष्य की दिशा और कौम का निर्णय
पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक के निर्णयों पर टिकी हैं। जत्थेदार ने विश्वास जताया कि गुरु महाराज की कृपा से कौम के भविष्य और धार्मिक मामलों पर सभी पक्ष एकजुट होकर सार्थक निर्णय लेंगे, जो आगामी समय में सिख समुदाय की दिशा तय करेंगे।