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नये प्रदेश अध्यक्ष की बहाली के बाद पंजाब भाजपा में हंगामा

महासचिव डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने दिया इस्तीफा

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही हलचल एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में पंजाब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में किए गए बड़े बदलावों के बाद, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पार्टी के महासचिव डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. राजू का यह कदम प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के ठीक बाद उठाया गया है, जिसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।

डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने 5 जून, 2026 को संगठन मंत्री मंतरी श्रीनिवासुलु को लिखे अपने औपचारिक पत्र में इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वे अब अपना पूरा समय पंजाब से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक और जनहित के मुद्दों के लिए समर्पित करना चाहते हैं।

डॉ. राजू ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए बताया कि वे अमृतसर को होली सिटी का विशेष दर्जा दिलाने, पंजाब के युवाओं के लिए बेहतर शैक्षिक अवसर सुनिश्चित करने, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसूचित जातियों व सिखों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, धार्मिक रूपांतरण जैसी गंभीर समस्याओं, राज्य में बढ़ती नशाखोरी पर लगाम लगाने, पंजाबी भाषा को उचित मान दिलाने, तथा पंजाब के जल विवाद और चंडीगढ़ जैसे जटिल विरासत संबंधी मुद्दों पर गहराई से काम करना चाहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन सभी विषयों के लिए निरंतर यात्रा, गहन शोध और व्यापक जनसंपर्क की आवश्यकता है, जिसे पार्टी महासचिव की संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ निभा पाना उनके लिए संभव नहीं होगा।

राजनीतिक गलियारों में डॉ. राजू के इस इस्तीफे को केवल एक स्वैच्छिक निर्णय के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। डॉ. राजू को पंजाब भाजपा के अध्यक्ष पद की दौड़ में एक अत्यंत मजबूत और योग्य दावेदार माना जा रहा था। उनकी जगह एक उद्योगपति और पूर्व कांग्रेसी नेता केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाना, भाजपा की रणनीति में आए बदलाव को दर्शाता है। ढिल्लों को भाजपा का पहला जट सिख प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक बड़ा दांव खेला है, लेकिन इसके बाद से पार्टी में असंतोष की खबरें तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इस नियुक्ति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाना और अब डॉ. जगमोहन सिंह राजू का इस्तीफा यह साफ संकेत देता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब भाजपा के भीतर सामंजस्य बिठाना नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।