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डोनाल्ड ट्रंप के परिवार की परियोजनाओं को लेकर विरोध

अल्बानिया में हजारों लोग सड़कों पर उतरे

एजेंसियां

तिरानाः अल्बानिया की राजधानी तिराना में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, जबकि तटीय इलाकों के संरक्षित प्राकृतिक अभयारण्य में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप परिवार से जुड़ी एक कंपनी द्वारा प्रस्तावित लक्जरी बीच रिसॉर्ट योजना का कड़ा विरोध किया। पर्यावरण संगठनों के आह्वान पर, देश भर के कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में राजधानी से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित व्योसा-नार्टा लैगून में एकत्र हुए।

यह परियोजना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर से जुड़ी है, जिसकी अनुमानित लागत करीब चार अरब यूरो (4.6 बिलियन डॉलर) है। प्रदर्शनकारी एमिलजोना पुजा ने बताया, यह पूरा समुद्री क्षेत्र एक संरक्षित ज़ोन है। इसे नष्ट करना इस क्षेत्र की जैव विविधता के लिए घातक होगा।

प्रदर्शनकारी नीले पानी के सामने रेतीले समुद्र तट पर एकत्र हुए। कुछ लोग अल्बानिया के लाल झंडे लहरा रहे थे, तो कुछ आंदोलन के प्रतीक के रूप में इन्फ्लेटेबल फ्लेमिंगो (गुलाबी बगुले) लिए हुए थे और प्रोजेक्ट रद्द करो! के नारे लगा रहे थे। बाद में, मध्य तिराना में भीड़ ने इस परियोजना के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन किया। सरकार मुख्यालय तक मार्च करते हुए लोगों ने इवांका घर जाओ और अल्बानिया बिकाऊ नहीं है जैसे प्लेकार्ड उठा रखे थे।

मई के अंत में, जब क्षेत्र को घेरने के लिए कांटेदार तार लगाए गए थे, तब साइट पर शुरुआती काम के खिलाफ हुए पहले प्रदर्शन के दौरान वहां अशांति फैल गई थी। हालांकि, अब वे कांटेदार तार हटा दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर बीच पर बुलडोजर और निर्माण कार्य के वीडियो वायरल होने के बाद लोग वहां बड़ी संख्या में पहुंचे थे, हालांकि शनिवार को वहां ऐसी कोई मशीनरी नहीं देखी गई।

पत्रकारों ने पाया कि जमीन पर बाड़ लगाने के लिए बनाई गई कंक्रीट की नींव को भी हटा दिया गया है। यह प्रदर्शन इस बहुचर्चित परियोजना के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश को दर्शाता है, जो देश के पर्यावरणीय और कानूनी ढांचे पर सवाल खड़े कर रहा है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में भी इसी तरह की एक प्रस्तावित परियोजना को रोक दिया गया है। इसके पीछे परियोजना को बनाने वाले ने तर्क किया है कि हाल के दिनों में ट्रंप का नाम काफी खराब हो गया है। ऐसे में उनके नाम पर परियोजना से कोई व्यापारिक लाभ नहीं होना है।