Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal Crime: भोपाल में HIV संक्रमित साइको किलर गिरफ्तार; गे डेटिंग एप के जरिए बनाता था शिकार Indore Crime News: एनआईटी हैदराबाद से बीटेक करने वाले युवक ने इंदौर में की आत्महत्या; डिप्रेशन और रै... Chhindwara Land Scam News: छिंदवाड़ा में सियासी घमासान; कांग्रेस विधायक सुनील उईके का सांसद बंटी साह... Bhopal News: ऐशबाग में बुजुर्ग दंपति की संदिग्ध मौत; घर से आती बदबू के बाद मिली डीकंपोज लाशें Unexplained Weight Loss: बिना डाइट और एक्सरसाइज वजन क्यों घट रहा है? जानें इसके पीछे की गंभीर बीमारि... खाड़ी क्षेत्र के मित्र देश भी अब डोनाल्ड ट्रंप से घबड़ाये ईरान ने वहां से गुजरते एक जहाज पर हमला किया इबोला का प्रकोप दक्षिण सूडान तक फैलने की आशंका प्रारंभिक अनुमान से कहीं बहुत ज्यादा है भूकंप का नुकसान कीर स्टारमर के अचानक इस्तीफा के बाद अगले पीएम की चर्चा

राज्यसभा चुनाव में अब भाजपा को अच्छा स्ट्राइकर चाहिए

कांग्रेस ने अपना गोलपोस्ट खुला छोड़ दिया है

  • पिछड़े विधायक वोट नहीं देंगे

  • स्थानीय पहचान का संकट भी है

  • पांच वोट बदल गये तो खेल बदलेगा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के चयन ने ही स्पष्ट कर दिया कि यह सिर्फ काम चलाने वाला फैसला है क्योंकि जिन्हें प्रत्याशी घोषित किया गया है, उनकी इस राज्य में कोई राजनीतिक पहचान नहीं है। इस वजह से ऐसा माना जा सकता है कि राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए कांग्रेस ने अपना गोलपोस्ट ही खाली छोड़ दिया है। अब अन्य बिखरे वोटों को समेटने की क्षमता वाला कोई भाजपायी तीरंदाज आसानी से इस लक्ष्य को भेद सकता है और खुले गोलपोस्ट में गोल दाग सकता है।

दरअसल प्रत्याशी के चयन में कांग्रेस ने झारखंड के जातिगत समीकरणों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। ऐसे में महागठबंधन के अन्य दलों के पिछड़े विधायक कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देंगे, इसकी बहुत कम संभावना है। भाजपा का प्रत्याशी अगर काबिल हुआ तो वह आसानी से इन बिखरे वोटों को अपने पाले में कर समीकरण को अपने पक्ष में कर लेगा। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में वर्तमान में सत्ताधारी महागठबंधन और विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच स्पष्ट विभाजन दिखाई देता है।

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, महागठबंधन के पास कुल 56 सीटें हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 34, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पास 16, राष्ट्रीय जनता दल के पास 4 और भाकपा (माले) के पास 2 सीटें हैं। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी गठबंधन एनडीए के पास कुल 25 सीटें हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की 21 सीटें शामिल हैं, इसके अलावा आजसू, जद (यू) और लोजपा (रामविलास) का एक-एक विधायक है। शेष एक सीट झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पास है।

इस बहुमत के साथ, राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार काफी मजबूत स्थिति में है। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी की स्थानीय राजनीतिक पहचान की कमी और अगड़ी जाति का होना महागठबंधन के अन्य घटक दलों के विधायकों की सोच के खिलाफ है. से में अगर जनता चल के चार वोट भाजपा की तरफ चले जाते हैं तो पाले बदल जाएगा क्योंकि तब भाजपा को 29 वोट मिल जाएंगे, जो निर्धारत 28 वोट से एक अधिक है। एक अन्य जेकेएलएम के विधायक जयराम को कोई स्थानीय लोकप्रिय नेता ही अपने पक्ष में कर सकता है। कांग्रेस प्रत्याशी के लिए फिलहाल ऐसा कर पाना कठिन प्रतीत होता है।

अब यह देखना है कि भाजपा की तरफ से गोल दागने के लिए कौन सा खिलाड़ी मैदान में आता है। इनमें कई नाम चर्चा में हैं पर उनमें से अधिकांश ऐसे खाली गोल पोस्ट पर बाहर भी गेंद मार देने के लिए चर्चित है। सटीक निशाने पर तीर लगाने वाला प्रत्याशी ही इन बिखरे वोटों के अलावा झामुमो खेमा से भी अतिरिक्त वोट जुटा लेने की क्षमता रखने वाला ही यह मैच जीत सकता है।