भाजपा की अपनी आदतों से भड़क गया है देश का युवा
-
मजाक में बना थीम अब चुनौती बन गया
-
नीचा दिखाने के चक्कर में युवा भड़क गये
-
पार्टी के अंदर दी गयी है इसकी चेतावनी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कैसे एक मजाक ने भारत के बुजुर्ग राजनीतिक वर्ग को संकट में डाल दिया है। औपचारिक तौर पर भले ही इस पर कोई बयान नहीं आया हो पर भाजपा के भीतर युवाओं के गुस्से पर राय जाहिर करने का दबाव बहुत ज्यादा है। खासकर भारतीय युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े लोग इस आंच को सीधा झेल रहे हैं। दिखावे के लिए कर्नाटक के एक भाजपा नेता ने एक डिब्बा निकाला जिसमें उन्होंने चार कॉकरोच (तिलचट्टे) रखे थे। फिर, उन्होंने धीरे-धीरे और जानबूझकर हर एक को कुचल दिया।
कॉकरोच से निपटने का यह एक तरीका हो सकता है। लेकिन यह कॉकरोच जनता पार्टी को खत्म करने के लिए काफी नहीं हो सकता है, जो एक इंटरनेट मजाक के रूप में शुरू हुई थी और अब 22.7 मिलियन (2.27 करोड़) से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ एक राजनीतिक घटना बन चुकी है। इएक तेज दिमाग उद्यमी ने तो अभी से कॉकरोच टी-शर्ट बेचना भी शुरू कर दिया है। अब सीजेपी के पास बस एक झंडे की कमी है, जिसके बाद यह मतपेटी (बैलेट बॉक्स) पर चुनावी लड़ाई की तैयारी कर रहे एक पूर्ण राजनीतिक आंदोलन जैसा दिखने लगेगा। ऊधर एक वकील ने इस नाम पर अपनी राजनीतिक पार्टी रजिस्टर करने का आवेदन दाखिल कर दिया है।
पहली नज़र में यह सब बेतुका लगता है। कीड़े-मकौड़ों, व्यंग्य और इंटरनेट के हास्य को समर्पित एक मीम पार्टी। इसका घोषणापत्र इसे भारत के आलसी, बेरोजगार और भूले-बिसरे लोगों के लिए नंबर एक राजनीतिक पार्टी बताता है। यह सभी के लिए सम्मान, पहचान और मुफ्त वाई-फाई का वादा करता है। इस समूह ने अपने प्लेटफॉर्म पर घोषणा की है, हम उन लोगों के लिए एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा कर रहे हैं जिन्हें पारंपरिक राजनीति द्वारा व्यवस्थित रूप से नजरअंदाज, अनदेखा और वंचित किया गया है।
हालांकि, भाजपा यह मानने पर अड़ी दिखती है कि इसके पीछे कुछ नापाक ताकतें काम कर रही हैं। वरिष्ठ नेताओं ने इस बारे में बयान भी दिया है। लेकिन हालत यह है कि पार्टी के भीतर इस नई चुनौती को लेकर भय का माहौल है क्योंकि जिस तेजी से युवा इससे जुड़ रहे हैं, वह पार्टी को सड़कों पर मजबूत चुनौती दे सकता है। यदि इस कॉकरोच पार्टी को केवल नजरअंदाज कर दिया जाता, तो क्या यह सप्ताह के एक राजनीतिक मजाक की तरह गायब हो जाती? इसके बजाय, उसने अपनी भारी तोपें निकाल लीं और हर दिशा में गोलाबारी शुरू कर दी। इस एक गलती की वजह से अब पहले से नाराज बैठे युवा वर्ग को अपनी नाराजगी जाहिर करने का एक रास्ता मिल गया है।