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Ludhiana News: जनगणना ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज; नगर निगम ने वेतन रोकने की सिफारिश की

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में जनगणना (Census) ड्यूटी के लिए रिपोर्ट न करने वाले शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम लुधियाना ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर गैरहाजिर चल रहे कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

डी.ई.ओ. (सेकेंडरी और एलिमेंटरी) को भेजे गए इस कड़े पत्र में नगर निगम ने सिफारिश की है कि जो शिक्षक और कर्मचारी जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं, उन्हें उनके संबंधित मूल स्कूलों में भी ‘गैरहाजिर’ (Absent) दर्ज किया जाए। इसके अलावा, निगम ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी डिफॉल्टर कर्मचारियों की तनख्वाहें तत्काल प्रभाव से रोकने की भी मजबूत सिफारिश की है।

📋 बिना NOC नहीं मिलेगी सैलरी: लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल प्रमुखों की भी तय होगी जिम्मेदारी

नगर निगम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक संबंधित जनगणना अधिकारी द्वारा इन गैरहाजिर कर्मचारियों और शिक्षकों को एन.ओ.सी. (No Objection Certificate) जारी नहीं कर दिया जाता, तब तक इनका मासिक वेतन पूरी तरह से रोका जाए। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़े शब्दों में कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण, वैधानिक और समयबद्ध (Time-bound) सरकारी कार्य है।

यदि इस राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या आदेशों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के साथ-साथ उनके स्कूल प्रमुखों (Principals) के खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाली किसी भी सख्त कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल मुखिया और उस विशेष कर्मचारी की स्वयं की होगी।

⚠️ पहले दिए गए नोटिस भी रहे बेअसर, अब मिलेगी सख्त सजा: निगम ने कहा— राष्ट्रीय कर्तव्य में सहयोग करें कर्मचारी

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि यह कार्रवाई अचानक की जा रही है। इससे पहले भी लगातार कई बार नोटिस जारी कर इन कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने के मौके दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ शिक्षक और कर्मचारी लगातार प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं और जनगणना ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने नहीं पहुंच रहे हैं।

अंत में नगर निगम अधिकारियों ने सभी से अपील करते हुए कहा कि जनगणना एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कर्तव्य है और सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बिना किसी बहानेबाजी के तुरंत आवंटित जनगणना ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अंतिम चेतावनी भी दी है कि जो कर्मचारी और शिक्षक इस आदेश के बाद भी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होंगे, उनके खिलाफ सीधे सस्पेंशन (निलंबन) और एफआईआर जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।