ईंधन के दाम तीसरी बार बढ़ाये गये
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इस माह में तीसरी बार दाम बढ़े
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कच्चे तेल की कीमतों का हवाला
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ईरान युद्ध की वजह से समस्या
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 1 रुपये से कम की बढ़ोतरी की है। डीलर्स के अनुसार, चालू महीने में ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों से होने वाले नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली में इस ताजा संशोधन के बाद पेट्रोल की कीमत 0.87 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 99.51 रुपये हो गई है, जबकि डीजल के दाम 0.91 रुपये बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी महीने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जो एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन दरों में दूसरी वृद्धि थी। वहीं, दूसरी बढ़ोतरी से कुछ ही दिन पहले ईंधन की कीमतों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया था, क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई थीं।
अगर पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो मार्च 2024 में की गई 2 रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती को छोड़कर, अप्रैल 2022 से खुदरा ईंधन की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई थीं। देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने साल 2022 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की जाने वाली दैनिक समीक्षा (डेली प्राइस रिवीजन) पर रोक लगा दी थी।
यह रोक यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई भारी अस्थिरता और उतार-चढ़ाव से घरेलू उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लगाई गई थी। हालांकि, अब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ईरान संकट के गहराने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव फिर से बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप तेल कंपनियों को एक बार फिर घरेलू स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ा है।