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ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव का चुनाव और रोचक बन गया है

सर्वेक्षण में लूला और बोल्सोनारो के बीच कड़ा मुकाबला

एजेंसियां

साओ पाउलोः ब्राजील में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। हाल ही में आए एक नए चुनावी सर्वेक्षण (ओपिनियन पोल) ने देश में बेहद कड़े और नजदीकी मुकाबले की पुष्टि की है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, मौजूदा वामपंथी राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और उनके दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो के बीच सीधी टक्कर में दोनों उम्मीदवार बराबरी पर चल रहे हैं।

शनिवार को मीडिया समूह ग्रुपो फोल्हा की प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसी डेटाफोल्हा ने अपने नवीनतम आंकड़े जारी किए। यह सर्वेक्षण आगामी अक्टूबर में होने वाले आम चुनाव की दिशा में उम्मीदवारों की स्थिति को दर्शाता है। इस सर्वेक्षण में लगभग 2,004 मतदाताओं की राय ली गई थी, जिसमें उनसे पूछा गया था कि यदि लूला और बोल्सोनारो दूसरे दौर (रन-ऑफ) के मुकाबले में आमने-सामने होते हैं, तो वे किसे अपना वोट देंगे।

वर्तमान में 80 वर्षीय लूला डा सिल्वा अपने चौथे गैर-निरंतर (नॉन-कॉन्ज़ेक्यूटिव) कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं। ब्राजील के संवैधानिक नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति लगातार केवल दो बार ही चार-चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति रह सकता है। लूला पहली बार 2003 से 2011 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे, जहां उन्होंने भूख उन्मूलन और गरीबों के लिए संघीय सहायता बढ़ाने वाले सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।

दूसरी ओर, फ्लेवियो बोल्सोनारो अपने पिता की कट्टर दक्षिणपंथी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे फ्लेवियो—जो वर्तमान में रियो डी जनेरियो से सीनेटर हैं—ने संकल्प लिया है कि यदि वे राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो अपने पिता की रिहाई सुनिश्चित करेंगे। जायर बोल्सोनारो वर्ष 2022 के चुनाव परिणामों को पलटने और तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में वर्तमान में 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। इसी चुनाव के बाद उनके कार्यकाल का अंत हुआ था और लूला के नए कार्यकाल की शुरुआत हुई थी।

शनिवार को जारी हुए डेटाफोल्हा के इन आंकड़ों ने लूला और युवा बोल्सोनारो को बिल्कुल आमने-सामने खड़ा कर दिया है। दोनों ही उम्मीदवारों को सर्वेक्षण में शामिल 45-45 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन प्राप्त हुआ है, जबकि 9 प्रतिशत लोगों ने शून्य (निल) मतपत्र डालने की बात कही। शेष 1 प्रतिशत मतदाता अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि 12 और 13 मई को किया गया यह सर्वेक्षण उस समय का है जब फ्लेवियो बोल्सोनारो के अभियान से जुड़ा नवीनतम विवाद सार्वजनिक रूप से पूरी तरह सामने नहीं आया था।