Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क... UP Politics: यूपी में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट! चंद्रशेखर और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात से गरमा...

भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में पंजाब के विजिलेंस प्रमुख

सीबीआई ने दर्ज किया है नामजद एफआईआर

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़: पंजाब के विजिलेंस ब्यूरो चीफ के रीडर और तीन अन्य लोगों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई भ्रष्टाचार की एफआईआर में पंजाब के डीजीपी (विजिलेंस) शरद सत्य चौहान का नाम भी सामने आया है। एफआईआर में उनका नाम शामिल होने से आने वाले दिनों में इस शीर्ष पुलिस अधिकारी की मुश्किलें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चौहान को इस एफआईआर में सीधे तौर पर आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है, लेकिन सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज किए गए मामले के विवरण में उनका जिक्र किया गया है।

सीबीआई की 11 मई की सत्यापन रिपोर्ट (वेरिफिकेशन रिपोर्ट) के अनुसार, जो कि 8 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद तैयार की गई थी, आरोपी राघव गोयल और विकास गोयल ने कथित तौर पर सरकारी सेवकों—यानी ओ.पी. राणा (रीडर, डीजी विजिलेंस, पंजाब) और खुद डीजी (विजिलेंस), पंजाब की ओर से शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपये की मांग की थी। यह रकम पंजाब विजिलेंस डीजी के कार्यालय में शिकायतकर्ता अमित कुमार के खिलाफ लंबित एक शिकायत को बंद कराने और मामला रफा-दफा करने के बदले मांगी गई थी।

एफआईआर के विवरण में आगे कहा गया है कि 8 मई को अबोहर के निवासी और राज्य कर अधिकारी (स्टेट टैक्स ऑफिसर) अमित कुमार से एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि निजी ठेकेदार राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल, पंजाब के डीजी (विजिलेंस) शरद सत्य चौहान और उनके रीडर ओ.पी. राणा के लिए बिचौलिए के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने उक्त कार्यालय में कथित तौर पर लंबित एक शिकायत को बंद/निस्तारित कराने के लिए अवैध रूप से रिश्वत (अनुचित लाभ) की मांग की थी।

इस मामले में जांच के दायरे में शामिल संदिग्ध अपराधों में आपराधिक साजिश रचना, एक लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी) द्वारा अनुचित लाभ की मांग करना, और भ्रष्ट या अवैध तरीकों से या व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करके किसी लोक सेवक को प्रभावित करने के लिए अनुचित लाभ उठाना शामिल है।

चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पुलिस स्टेशन में 11 मई को दर्ज की गई एफआईआर में मुख्य रूप से ओ.पी. राणा (डीजीपी विजिलेंस के रीडर), मलोट के निवासी विकास गोयल और उनके बेटे राघव गोयल को नामजद किया गया है। इसके अलावा, कुछ अन्य अज्ञात सरकारी और निजी व्यक्तियों को भी इस मामले में शामिल किया गया है।