Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
थानों में CCTV पर महाधिवक्ता के जवाब से कोर्ट असंतुष्ट; मुख्य सचिव और गृह सचिव देंगे शपथ पत्र, झारखं... हजारीबाग में प्रमंडलीय खेल महोत्सव: 7 जिलों के 1300 खिलाड़ी लेंगे भाग, मैदान में बुनियादी सुविधाओं क... रांची में डॉक्टर से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार: जमीन सौदे के विवाद में दी थी जान से मा... रायपुर के गुढ़ियारी में मंदिर में तोड़फोड़ से तनाव: शिवजी, हनुमानजी और साईं बाबा की प्रतिमाएं खंडित;... सुकमा नवोदय विद्यालय की छात्रा की बिगड़ी तबीयत: इलाज के लिए दर-दर भटके परिजन, लिवर में सूजन और संक्र... दुर्ग नगर निगम में महापौर अलका बाघमार की इनोवा में लगी भीषण आग: चेंबर में जाते ही धू-धू कर जली गाड़ी... नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से तबाही: नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सरकार ने ज... कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में ... बिलासपुर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू; रायपुर, दुर्ग, गोंदिया होकर चलेगी ट्रे... रायपुर सेंट्रल जेल: रक्षाबंधन पर बंदियों से मिल सकेंगी बहनें; 100 ग्राम मिठाई की अनुमति, मोबाइल-पर्स...

यूपीआई भुगतान से जांच टीम को मिला हत्यारों का राज

यूपी और बिहार से पकड़े गए हत्यारे

  • बाली के टोल पर हुआ था भुगतान

  • ऑनलाइन पेमेंट से पहला सुराग मिला

  • तीनों के पेशेवर शूटर होने का दावा

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के एक संयुक्त अभियान में विशाल श्रीवास्तव, राज सिंह और मयंक मिश्रा नामक तीन आरोपियों को बिहार और उत्तर प्रदेश से दबोचा गया। पुलिस इन आरोपियों तक तब पहुँची जब हमलावरों द्वारा कोलकाता के पास बाली में एक टोल बूथ पर किए गए यूपीआई भुगतान को ट्रैक किया गया।

चंद्रनाथ रथ बुधवार रात करीब 10:00 से 10:10 बजे के बीच अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रथ अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी की अगली सीट पर बैठे थे और उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम स्थित अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक चांदी के रंग की निसान माइक्रा कार ने रथ की एसयूवी का रास्ता रोका, जिसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें बिल्कुल करीब से गोली मार दी। हत्या के बाद हमलावर माइक्रा कार छोड़कर एक दूसरी लाल कार और बाइक से फरार हो गए।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और उस कार का पीछा किया, जिसे टोल प्लाजा पर भुगतान करते देखा गया था। गिरफ्तार तीनों व्यक्ति उसी कार में सवार थे और उन्होंने टोल पर यूपीआई के जरिए भुगतान किया था। यही वह अहम कड़ी थी जिसने पुलिस को हत्यारों तक पहुँचाया। पुलिस के अनुसार, तीनों पेशेवर अपराधी हैं। विशाल मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है, जबकि अन्य दो उत्तर प्रदेश के हैं। विशाल पर हत्या और लूट समेत 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीनों को आज बंगाल की बारासात अदालत में पेश किया गया

फर्जी नंबर प्लेट और चोरी की बाइक पुलिस ने अब तक दो बाइक बरामद की हैं और माइक्रा कार को जब्त कर लिया है। जांच से पता चलता है कि ये सभी वाहन चोरी के थे और कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने घटना के बाद बताया था कि अपराध में इस्तेमाल चार पहिया वाहन को जब्त कर लिया गया है, लेकिन उसकी नंबर प्लेट फर्जी है और उससे छेड़छाड़ की गई है।