दिलीप घोष से लेकर अग्निमित्रा पॉल तक मंत्री
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चार राज्यों के सीएम रहे मौजूद
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207 सीटों का प्रचंड बहुमत मिला
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एकमात्र महिला मंत्री अग्निमित्रा पाल
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः शनिवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे.पी. नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए। साथ ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। वहीं, पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में आजादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया; दूसरे चरण में 91.66 फीसद और पहले चरण में 93.19 फीसद मतदान हुआ, जिससे कुल औसत 92.47 फीसद रहा।
इस कैबिनेट में मंत्री बनाये गये दिलीप घोष भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। वह कभी आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक थे, उन्होंने 2014 के बाद बंगाल में भाजपा के जमीनी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। वह मेदिनीपुर से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।
इस नई कैबिनेट में एकमात्र महिला मंत्री 51 वर्षीय अग्निमित्रा पॉल हैं। आसनसोल दक्षिण से दो बार की विधायक और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष पॉल ने टीएमसी के तापस बनर्जी को 40,000 से अधिक मतों से हराकर अपनी स्थिति मजबूत की। राजनीति में आने से पहले वह कोलकाता के फैशन जगत का एक बड़ा नाम थीं और श्रीदेवी व हेमा मालिनी जैसी अभिनेत्रियों के लिए कपड़े डिजाइन कर चुकी हैं।
उत्तर 24 परगना के बनगांव उत्तर से विधायक अशोक कीर्तनिया मतुआ समुदाय की राजनीति में गहरा प्रभाव रखते हैं। वे व्यापार और स्थानीय संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। बांकुड़ा जिले के रानीबांध (जंगल महल क्षेत्र) से आदिवासी नेता खुदीराम टुडू के जरिए भाजपा ने आदिवासी समुदायों के बीच अपनी पैठ मजबूत की है। उत्तर बंगाल के युवा चेहरे निशिष प्रमाणिक, 2019 में टीएमसी छोड़ भाजपा में आए थे। वह 35 वर्ष की आयु में मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और युवा मामलों के राज्य मंत्री बने थे।