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बोको हराम के हमले में 24 सैनिकों की मौत

अफ्रीका में लगातार बढ़ रहा है इस्लामी आतंकवाद का खतरा

एजेंसियां

बरका तोलोरोमः मध्य अफ्रीका के चाड झील क्षेत्र में एक बार फिर आतंकवादी हिंसा ने कहर बरपाया है। मंगलवार को सैन्य और स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि संदिग्ध बोको हराम जिहादियों द्वारा एक सैन्य अड्डे पर किए गए रात्रिकालीन हमले में कम से कम 24 सैनिकों की जान चली गई है।

यह हमला सोमवार देर रात बरका तोलोरोम सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर किया गया, जो रणनीतिक रूप से चाड झील के किनारे स्थित है। भौगोलिक रूप से चाड झील का विस्तार कैमरून, चाड, नाइजर और नाइजीरिया तक है, और इसके घने दलदली द्वीप लंबे समय से बोको हराम और अन्य कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के लिए सुरक्षित पनाहगाह रहे हैं।

सेना के एक आधिकारिक स्रोत ने बताया कि इस क्रूर हमले में सेना के 25 जवान शहीद हुए हैं और 46 अन्य घायल हुए हैं। वहीं, क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारी ने मरने वालों की संख्या 24 बताई है। चाड के राष्ट्रपति महामत इद्रिस डेबी इत्नो ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया। उन्होंने फेसबुक पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि आतंकवादी समूह बोको हराम ने एक बार फिर हमारी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है, लेकिन हम इस खतरे के पूरी तरह खात्मे तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि चाड झील क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमले हाल के वर्षों में बढ़े हैं। इससे पहले अक्टूबर 2024 में हुए एक बड़े हमले में चाड की सेना के लगभग 40 जवान मारे गए थे, जिसके जवाब में राष्ट्रपति डेबी ने स्वयं दो सप्ताह तक जमीन पर रहकर जवाबी कार्रवाई का नेतृत्व किया था। हाल के महीनों में बोको हराम के जेएएस गुट की गतिविधियों में अचानक तेजी देखी गई है, जिसमें अपहरण और सेना की अग्रिम चौकियों पर घात लगाकर हमले करना शामिल है। यह हमला न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि इस अशांत क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ जारी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की जटिलता को भी दर्शाता है।