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अमेरिकी धमकियों के बीच फिर से आईआरजीसी का बयान आया

यह उनके लिए असंभव सैन्य अभियान या बुरा सौदा

एजेंसियां

तेहरानः वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले युद्ध के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने कहा कि ट्रंप को अब दो ही रास्तों में से एक चुनना होगा: या तो वे एक असंभव सैन्य अभियान की शुरुआत करें या फिर इस्लामिक गणराज्य के साथ एक बुरा सौदा (Bad Deal) स्वीकार करें। आईआरजीसी की खुफिया शाखा के अनुसार, कूटनीतिक गलियारों में हो रहे बदलावों के कारण अमेरिका के निर्णय लेने की गुंजाइश अब बेहद संकुचित हो गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक आधिकारिक बयान में आईआरजीसी ने तर्क दिया कि अमेरिका पर दबाव कई दिशाओं से बढ़ रहा है। इसमें ईरान द्वारा अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करने के लिए दी गई एक महीने की समय सीमा, और वाशिंगटन के प्रति रूस, चीन तथा यूरोप के बदलते कड़े रुख का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। आईआरजीसी ने लिखा, इसे केवल एक ही तरह से पढ़ा जा सकता है: ट्रंप को एक असंभव सैन्य अभियान या ईरान के साथ एक बुरे सौदे के बीच चुनाव करना होगा। अमेरिका के लिए फैसले लेने का दायरा अब बहुत छोटा रह गया है।

ये टिप्पणियां राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि वे युद्ध समाप्त करने के ईरान के नवीनतम प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने तेहरान पर नए हवाई हमलों की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका फिर से हमले शुरू करेगा, तो उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली में उत्तर दिया, यदि वे दुर्व्यवहार करते हैं, यदि वे कुछ बुरा करते हैं—तो अभी हम देखेंगे। यह एक संभावना है जो निश्चित रूप से हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान अमेरिका के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते दबाव का फायदा उठाने की कोशिश है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास दी गई समय सीमा ने पहले ही वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वह बिना किसी बड़ी सैन्य क्षति के एक ऐसा समझौता कैसे करे, जो उनकी अमेरिका फर्स्ट की छवि को नुकसान न पहुँचाए। वहीं, आईआरजीसी का असंभव सैन्य अभियान वाला शब्द इस ओर इशारा करता है कि ईरान किसी भी बड़े जमीनी हमले का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है और वह इसे अमेरिका के लिए एक अंतहीन और विनाशकारी युद्ध बना देगा। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि ट्रंप कूटनीति का रास्ता चुनते हैं या सैन्य टकराव का।