Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ujjain Road Accident: उज्जैन में भीषण सड़क हादसा; तेज रफ्तार कार ने 5 लोगों को रौंदा, एक महिला की मौ... Gwalior Crime: ग्वालियर में कांग्रेस पार्षद पर जानलेवा हमला; बदमाशों ने सरेराह मारी गोली, अस्पताल मे... सेना ने संदिग्ध विस्फोटक को किया निष्क्रिय नियमों को ताक पर रख दवा और उपकरणों की खरीद उच्च न्यायालय के नये निर्देश से पत्थर उद्योग पर संकट Shocking News: खुशियां मातम में बदलीं! 1 मई को गूंजी थी शहनाई, 3 मई को अर्थी देखकर फूट-फूटकर रोया पू... Jabalpur Bargi Dam: मसीहा बनकर आया 22 साल का रमजान; बरगी डैम हादसे में मौत के मुंह से ऐसे बचाई 7 जिं... फालता में दोबारा चुनाव अब 21 मई को भारत ने नये मिसाइल का परीक्षण कर लिया बीमा क्षेत्र में 100 फीसद एफडीआई को केंद्र की मंजूरी

कांग्रेस के संकट मोचक डीके शिवकुमार को भेजा गया

असम में विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका

राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो चुका है और अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। हालांकि, नतीजों से ठीक पहले हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की आशंका ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा के संभावित दांव-पेच से अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस के प्रमुख संकटमोचक और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार शनिवार को असम पहुंचे। शिवकुमार के साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी गुवाहाटी पहुंचे हैं।

शनिवार को अपने असम दौरे के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा चुनाव परिणामों के बाद विधायकों की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, मैं यहां अपने विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने आया हूं। मेरा काम यह देखना है कि वे सही रास्ते पर रहें और एकजुट रहें।

वे आज भी सुरक्षित हैं और भविष्य में भी यहां सुरक्षित रहेंगे। अधिकांश एग्जिट पोल में असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, शिवकुमार ने इन आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, मैं किसी भी एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करता, चाहे वह हमारे पक्ष में हो या विरोधियों के। इन सर्वेक्षणों का सैंपल साइज बहुत छोटा होता है। हमारे पास अपनी जानकारी और डेटा है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ता और नेता पूरी तरह आश्वस्त हैं कि असम में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि असम की जनता बदलाव चाहती है और उन्हें यह बदलाव जरूर मिलेगा। कांग्रेस के संकटमोचक की भूमिका: डी.के. शिवकुमार को कांग्रेस के भीतर संकट के समय पार्टी को संभालने और विधायकों को एकजुट रखने में माहिर माना जाता है। होटल पॉलिटिक्स और कठिन समय में बाड़ेबंदी करने में उनकी कुशलता जगजाहिर है। इससे पहले भी कई राज्यों में राजनीतिक संकट के दौरान उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था। एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को 85 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 24 से 35 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को डर है कि यदि नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे या कड़ा मुकाबला हुआ, तो उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा सकती है। इसी संभावित खतरे को देखते हुए पार्टी ने अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालार को मैदान में उतारा है।