Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dehradun News: बैरागीवाला गांव में युवक की हत्या के बाद भारी तनाव; गुस्साए लोगों का हंगामा, पुलिस बल... Drone Post Delivery in Himachal: हिमाचल में ड्रोन से पहुंचेगी डाक; मंडी-रेहरधार मार्ग पर सफल ट्रायल,... Greater Noida News: जिम में वर्कआउट के बाद 20 वर्षीय युवक की मौत; हार्ट अटैक की आशंका से मचा हड़कंप Maharashtra Politics: शरद पवार को रामदास आठवले का बड़ा ऑफर; कांग्रेस के बजाय NDA में आने की दी सलाह Govindpuri Fire Case: दिल्ली अग्निकांड कोई हादसा नहीं, बल्कि खौफनाक साजिश; 3 की मौत के मामले में 4 ग... TMC Internal Conflict: सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा को भेजा कानू... Noida Road Accident: नोएडा महामाया फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटी; 14 यात्री घायल Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में फिर सताएगी भीषण गर्मी; 6 दिनों तक बारिश के कोई आसार नहीं सिर्फ खाने के काम ही नहीं आयेगा चावल का सफेद दाना, देखें वीडियो राहुल गांधी का रुख भाजपा को मदद पहुंचा रहाः विजयन

उत्तरी माली में विद्रोहियों का लगभग कब्जा

राजधानी के बाहर बागियों की घेराबंदी

एजेंसियां

बमाकोः पश्चिम अफ्रीकी देश माली एक बार फिर गृहयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन जेएनआईएम और तुआरेग अलगाववादी समूह अज़ावाद लिबरेशन फ्रंट के संयुक्त गठबंधन ने देश की सैन्य सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, विद्रोहियों ने राजधानी बामाको के चारों ओर रणनीतिक चेकप्वाइंट स्थापित कर लिए हैं और उत्तर में स्थित महत्वपूर्ण शहर तेसालिट पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है।

माली की सैन्य सरकार के लिए यह हफ्ता विनाशकारी साबित हुआ है। 25 अप्रैल को विद्रोहियों ने बमाको के बाहरी इलाके में स्थित काटी सैन्य अड्डे पर भीषण हमला किया था। इस हमले में माली के ताकतवर रक्षा मंत्री सादियो कामारा की उनके आवास पर एक आत्मघाती कार बम धमाके में हत्या कर दी गई। साडियो कामारा को माली की सेना और रूस के अफ्रीका कॉर्प्स (पूर्व में वैगनर ग्रुप) के बीच गठबंधन का मुख्य सूत्रधार माना जाता था। उनकी मौत को सैन्य जुंटा के लिए सबसे बड़ा झटका बताया जा रहा है।

माली के उत्तरी रेगिस्तानी इलाकों में विद्रोहियों का पलड़ा भारी होता दिख रहा है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण तेसालिट शहर और वहां स्थित सुपर-कैंप से माली की सेना और उनके रूसी सहयोगियों ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एफएलए के लड़ाके तेसालिट की सड़कों पर विजय मार्च निकालते और अपना झंडा फहराते नजर आ रहे हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह विद्रोहियों ने एक और प्रतीकात्मक गढ़ किदाल पर भी कब्जा कर लिया था।

जेएनआईएम ने माली की जनता से अपील की है कि वे मौजूदा सैन्य सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए खड़े हों। विद्रोहियों का लक्ष्य देश में सख्त इस्लामी कानून लागू करना है। जेएनआईएम ने बामाको की पूर्ण घेराबंदी करने की धमकी दी है, जिससे राजधानी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी दूतावास ने पहले ही सुरक्षा अलर्ट जारी कर अपने नागरिकों को बामाको की ओर जाने वाले रास्तों पर विद्रोहियों के चेकप्वाइंट्स के प्रति आगाह किया है।

रूस, जो माली की सैन्य सरकार का प्रमुख विदेशी समर्थक है, वर्तमान स्थिति को कठिन बता रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उनके अफ्रीका कॉर्प्स के जवानों को उत्तरी इलाकों से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल-कायदा और अलगाववादियों के बीच यह नया और अप्रत्याशित गठबंधन माली को 2012 जैसे संकट में धकेल सकता है, जब विद्रोहियों ने देश के आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया था।