Breaking News in Hindi

ईरान ने मध्यस्थ को शांति प्रस्ताव भेजा

युद्ध और संघर्ष विराम के बीच झूलती दुनिया

एजेंसियां

इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध के बीच शांति की एक धुंधली किरण दिखाई दी है। शुक्रवार को ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मौजूद मध्यस्थों का मानना है कि दोनों देशों के बीच एक उचित समझौता संभव है और वे इसके लिए दिन-रात कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस प्रस्ताव के बावजूद युद्ध के दोबारा शुरू होने का खतरा अभी भी बरकरार है।

ईरान का यह नया प्रस्ताव तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पिछले प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी एक तस्वीर साझा की जिसमें वे बंदूक पकड़े नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा— नो मोर मिस्टर नाइस गाय (अब शराफत का समय खत्म)।

ओवल ऑफिस से जारी अपने बयान में ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक ईरान अपनी परमाणु हथियार योजना को पूरी तरह बंद करने पर सहमत नहीं होता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की इन शर्तों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने सरकारी मीडिया के माध्यम से एक लिखित संदेश जारी कर कहा कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की सुरक्षा हर हाल में करेगा। उन्होंने विदेशी ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में उनके लिए पानी की गहराइयों के अलावा और कोई जगह नहीं है। गौरतलब है कि अपने पिता की हत्या के सात सप्ताह बाद भी मोज्तबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से देखा या सुना नहीं गया है, हालांकि वे लगातार लिखित संदेश जारी कर रहे हैं।

पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। शुक्रवार की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले ईरान का संशोधित प्रस्ताव प्राप्त होना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। दुनिया भर की निगाहें अब वॉशिंगटन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या फिर विनाशकारी युद्ध की ओर।