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Cyber Crime Update: पंचकूला पुलिस की दिल्ली में बड़ी रेड; फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लाखों लूटने वाला गैंग दबोचा

पंचकूला: हरियाणा की पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने एक संगठित अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है. इस गिरोह ने इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने का सुनियोजित नेटवर्क खड़ा किया हुआ था. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को नामी इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन किए और उनकी पॉलिसी से संबंधित सटीक जानकारी देकर उनका भरोसा जीता. फिर अंतिम किश्त और टैक्स जमा कराने के नाम पर आरोपी उनसे मोटी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे.

कालका निवासी व्यक्ति से ठगे 1,97,500 रुपये: इस मामले में कालका निवासी व्यक्ति से 1,97,500 रुपये की ठगी की गई थी. आरोपियों ने पहले 98 हजार रुपये फाइनल किश्त के नाम पर और बाद में 99,500 रुपये टैक्स के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए. पीड़ित ने शक होने पर चंडीगढ़ स्थित संबंधित कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया, जहां से उन्हें उनके साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला. इसके बाद पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाने में 9 अप्रैल को केस दर्ज किया गया.

तकनीक के आधार पर नेटवर्क ट्रेस: डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम टीम ने प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया. इस दौरान पता चला कि गिरोह को दिल्ली से संचालित किया जा रहा था. आरोपी फर्जी सिम कार्ड, किराए के बैंक खाते और कॉल सेंटर के माध्यम से फ्रॉड को अंजाम देते थे.

चार आरोपी दिल्ली से काबू किए: जांच अधिकारी अभिषेक छिल्लर द्वारा टीम की मदद से छापेमारी कर बीते 27 अप्रैल को दिल्ली से अमनदीप सिंह उर्फ अमन, गुरदीप सिंह, आशीचन्द्र गुप्ता और तनजीर अंसारी को काबू किया गया. चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई, जिस दौरान गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई.

सुनारिया जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए तीन आरोपी: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अन्य तीन आरोपी पहले से ही रोहतक की सुनारिया जेल में किसी अन्य मामले में बंद थे. इनकी पहचान एजाज हैदर, कर्तव्यपूरी और सूरज के रूप में हुई, जिन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई. आरोपी एजाज हैदर मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जबकि तनजीर अंसारी बिहार का रहने वाला है. अन्य आरोपी दिल्ली निवासी हैं और सभी मिलकर दिल्ली में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे.

चार आरोपी न्यायिक हिरासत में: पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि अन्य तीनों आरोपियों को दोबारा सुनारिया जेल, रोहतक भेज दिया गया है. पुलिस ने आमजन से की अपील में कहा कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे साझा न करें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर पोर्टल या पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

तकनीक और इंटेलिजेंस से नेटवर्क पर नजर: पंचकूला पुलिस कमिश्नर एवं एडीजीपी साइबर, शिवास कविराज ने कहा कि साइबर ठग अब सुनियोजित तरीके से लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहे हैं. लेकिन पंचकूला पुलिस ऐसे हर गिरोह को ट्रैक कर उनके नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जो अपराधी आमजन की मेहनत की कमाई पर हाथ डालते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस के माध्यम से ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले सत्यापन जरूर करें और सतर्कता से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.