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रूसी हस्तक्षेप से विद्रोह की हालत नियंत्रित

माली के सैन्य नेता ने रूसी राजदूत से मुलाकात की

एजेंसियां

बमाकोः माली के सैन्य नेता असीसीमी गोइता ने रूसी राजदूत के साथ मुलाकात की है, जो पिछले सप्ताहांत हुए विद्रोही हमलों के बाद उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति है। इन हमलों में उनके एक प्रमुख मंत्री की मौत हो गई थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब रूस ने दावा किया है कि उसने माली में तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया है।

शनिवार को अल-कायदा से जुड़े समूहों और तुआरेग अलगाववादियों ने माली के मुख्य सैन्य अड्डे और राजधानी बमाको के पास हवाई अड्डे पर बड़ा हमला किया था। इस दौरान उत्तर में स्थित किडल शहर से रूसी सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके अफ्रीका कॉर्प्स के अर्धसैनिक बलों ने विद्रोहियों को राष्ट्रपति महल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा करने से रोककर तख्तापलट की साजिश को विफल कर दिया। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि इस दौरान उन्हें भारी लड़ाई का सामना करना पड़ा और काफी नुकसान भी हुआ।

सैन्य प्रमुख गोइता की रूसी राजदूत इगोर ग्रोमीको के साथ तस्वीरों का प्रकाशन देश को यह संदेश देने की कोशिश है कि सरकार का नियंत्रण कायम है और रूस उनका समर्थन कर रहा है। रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की हत्या के बाद गोइता की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। हालांकि, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें रूसी भाड़े के सैनिकों और माली के सैनिकों को हथियार डालते देखा जा सकता है।

माली पिछले एक दशक से अधिक समय से विद्रोह और संघर्ष का सामना कर रहा है। हालिया हमलों की व्यापकता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अल-कायदा और तुआरेग जैसे पूर्व में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे समूहों ने सैन्य सरकार और रूसी बलों के खिलाफ हाथ मिला लिया है। पिछले 15 वर्षों में यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसने माली सरकार की स्थिरता और रूसी सुरक्षा गारंटी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।