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ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और मेटा के बीच कानूनी जंग

फेसबुक के फर्जी विज्ञापनों में खुद के होने से मामला

सिलिकॉन वैलीः ऑस्ट्रेलियाई खनन क्षेत्र के दिग्गज एंड्रयू फॉरेस्ट ने सिलिकॉन वैली की एक अमेरिकी संघीय अदालत में मेटा के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। फॉरेस्ट का आरोप है कि मेटा ने उनकी अनुमति के बिना उनकी छवि का उपयोग करने वाले स्कैम विज्ञापनों के लिए जवाबदेही नहीं ली है।

फॉरेस्ट की कानूनी टीम न्यायाधीश से यह मांग कर रही है कि मेटा को कम्युनिकेशंस डिसेंसी एक्ट की धारा 230 के पीछे छिपने की अनुमति न दी जाए। यह कानून इंटरनेट कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए जवाबदेही से सुरक्षा प्रदान करता है।

फॉरेस्ट के वकील साइमन क्लार्क ने कहा, यह दुनिया का ऐसा पहला मामला है जहाँ यह तर्क दिया जा रहा है कि फेसबुक (मेटा) को उनके विज्ञापन व्यवसाय के लिए इस कानूनी सुरक्षा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। फॉरेस्ट का आरोप है कि 2019 से फेसबुक पर हजारों भ्रामक विज्ञापन उनकी छवि का उपयोग कर फर्जी क्रिप्टोकरेंसी और वित्तीय योजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे हजारों लोग ठगी का शिकार हुए हैं।

वकीलों का तर्क है कि मेटा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स ने इन धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों को न केवल प्रसारित किया, बल्कि उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऑप्टिमाइज़ और पर्सनलाइज़ भी किया। इससे मेटा एक साधारण मध्यस्थ के बजाय एक सक्रिय भागीदार बन गया है। मेटा ने दलील दी है कि ये विज्ञापन उसने नहीं बनाए और उसने आवश्यक डेटा को सुरक्षित रखने के उचित प्रयास किए हैं। कंपनी का कहना है कि विज्ञापनदाताओं द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए वह धारा 230 के तहत सुरक्षित है।

इस साल की शुरुआत में, लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने मेटा और यूट्यूब को एक युवती को नुकसान पहुँचाने का दोषी पाया था। वहाँ अदालत ने केवल कंटेंट पर ध्यान देने के बजाय प्लेटफॉर्म के एडिक्टिव डिज़ाइन (नशे की तरह लत लगाने वाला डिज़ाइन) और उनके बिजनेस मॉडल को लापरवाही का आधार माना था। इसी तरह, मैसाचुसेट्स की सर्वोच्च अदालत ने भी फैसला सुनाया है कि धारा 230 मेटा को इंस्टाग्राम के एडिक्टिव डिज़ाइन से जुड़े राज्य के मुकदमे में सुरक्षा नहीं देती है। एंड्रयू फॉरेस्ट के इस मामले में न्यायाधीश आने वाले हफ्तों में अपना फैसला सुना सकते हैं, जो भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों की विज्ञापन जवाबदेही के लिए एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।