देश भर की 556 बैंक शाखाओं में विधिवत पंजीकरण प्रारंभ
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः हिमालय की गोद में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सोमवार से देशभर में पंजीकरण की प्रक्रिया उत्साह के साथ शुरू हो गई। इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही जम्मू सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो बम-बम भोले के जयघोष के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
पंजीकरण के लिए बैंकिंग नेटवर्क और व्यवस्था इस वर्ष श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए देश की 556 बैंक शाखाओं को अधिकृत किया है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक की सर्वाधिक 310 शाखाएं शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर बैंक की 110, भारतीय स्टेट बैंक की 99 और यस बैंक की 37 शाखाओं में पंजीकरण कार्य एक साथ शुरू हुआ।
जेएंडके बैंक के एमडी और सीईओ अमिताव चटर्जी ने बताया कि पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने कहा, लगभग 6,000 यात्रियों ने पहले दिन अपना पंजीकरण कराया, जो श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है। बैंक ने यात्रियों की सहायता के लिए समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं और स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया है ताकि प्रक्रिया सुचारू और परेशानी मुक्त रहे।
श्राइन बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंजीकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है। इस बार पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण का उपयोग किया जा रहा है।
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र: यात्रियों के लिए अधिकृत चिकित्सा संस्थानों द्वारा जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक है। परमिट: सफल प्रमाणीकरण और शुल्क जमा करने के बाद, श्राइन बोर्ड के पोर्टल के माध्यम से सिस्टम-जेनरेटेड यात्रा परमिट जारी किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं का उत्साह अमरनाथ यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से आयोजित की जाती है। पहलगाम मार्ग: यह 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक मार्ग है, जिसे चंदनवाड़ी-शेषनाग ट्रैक के नाम से जाना जाता है। अधिकांश श्रद्धालु इसी मार्ग को प्राथमिकता देते हैं। बालटाल मार्ग: यह मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित 12 किलोमीटर लंबा लेकिन कठिन और सीधा मार्ग है।