Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पानीपत के सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन कक्ष में बीमार महिला से छेड़छाड़, पीजीआई में मौत हरिद्वार कांवड़ मेले में डीजे के शोर से भारी ध्वनि प्रदूषण, तीर्थनगरी छोड़ भागे पक्षी अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी केस: ट्रस्ट को सौंपी गई SIT की अंतिम रिपोर्ट, पूर्व ट्रस्टी के दो करीबिय... आजम खान के 10 ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई: जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस... देश में मॉनसून का विकराल रूप: बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन से कई राज्यों में भारी बारिश, IMD का अ... भाषण से भरोसा अब नहीं आ पायेगा व्हाइट हेलमेट बचावकर्मी की हिरासत में मौत की जांच प्रारंभ तेलचट्टों ने देश की सोच ही बदल डाली है सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों को फिर से फटकार लगायी फांसी की सजा को हटाया नहीं जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

Goa ED Action: गोवा के मशहूर ‘Birch by Romeo Lane’ क्लब पर ED का बड़ा प्रहार, ₹17.45 करोड़ की संपत्ति जब्त

गोवा के चर्चित क्लब Birch by Romeo Lane केस में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने करीब 17.45 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है. यह कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत हुई है. मामला गोवा के अर्पोरा इलाके में चल रहे इस क्लब के गैरकानूनी संचालन से जुड़ा है, जहां एक दर्दनाक हादसा हुआ था.

इस पूरे केस की शुरुआत गोवा पुलिस की एफआईआर से हुई थी, जो अंजुना और मापुसा पुलिस स्टेशन में सौरभ लूथरा और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी. यह एफआईआर सिर्फ एक हादसे तक सीमित नहीं थी. बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ. 6 दिसंबर 2025 को इसी क्लब में भीषण आग लगी थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे.

जरूरी दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई

जांच में सामने आया कि क्लब चलाने के लिए जरूरी दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी की गई थी. ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि इस क्लब को बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी नाम की कंपनी चला रही थी लेकिन इसके पास जरूरी सरकारी मंजूरी तक नहीं थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्लब के पास फायर एनओसी तक नहीं था, यानी सुरक्षा के बुनियादी नियमों की भी अनदेखी की गई.

अधिकारियों को गुमराह किया गया

जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी हेल्थ एनओसी और नकली पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज बनाकर अधिकारियों को गुमराह किया गया और लाइसेंस हासिल किए गए. इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि क्लब का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2024 को ही खत्म हो चुका था. इसके बावजूद क्लब को धड़ल्ले से चलाया जा रहा था. यानी कानून की खुली अवहेलना करते हुए लोगों की जान को खतरे में डालकर मुनाफा कमाया जा रहा था.

ईडी ने कई जगहों पर छापेमारी की थी

ईडी के मुताबिक, इस अवैध तरीके से चल रहे क्लब ने 2023-24 से लेकर 6 दिसंबर 2025 तक करीब 29.78 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसे अब प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई आय माना गया है. इससे पहले भी ईडी ने 23 जनवरी 2026 को इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए थे. साथ ही करीब 59 लाख रुपये के बैंक अकाउंट भी फ्रीज किए गए थे.