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भवानीपुर की अपनी पारंपरिक सीट पर भव्य जुलूस के साथ नामांकन

मतदाताओं का नाम कटने से बेहद आहत हूः ममता बनर्जी

  • अपने घर से पैदल ही जुलूस में निकली

  • एसआईआर प्रक्रिया किसके फायदे के लिए

  • हम दोबारा अदालत की शरण में जाएंगे

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची को फ्रीज करने के खिलाफ फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करते हुए उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस सीट पर उनका मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से है।

चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के तहत बंगाल में लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। नामांकन के बाद ममता ने कहा, मैं वास्तव में आहत हूं कि मतदाता सूची से इतने सारे नाम हटा दिए गए हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मतदाता सूचियों को फ्रीज क्यों किया गया है। हम इसके खिलाफ फिर से अदालत जाएंगे।

दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से समर्थकों के हुजूम के साथ ममता बनर्जी पैदल ही नामांकन दाखिल करने निकलीं। भवानीपुर से तीन बार की विधायक रहीं ममता ने हाथ जोड़कर और अपनी चिरपरिचित मुस्कान के साथ सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।

अलीपुर सर्वे बिल्डिंग तक का लगभग 800 मीटर का सफर उन्होंने पैदल ही तय किया। उनके नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम की पत्नी रूबी हकीम, वार्ड 71 के ब्लॉक अध्यक्ष बबलू सिंह और भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी के मिराज शाह के शामिल थे।

सत्ताधारी पार्टी ने ममता के इस मार्च के जरिए भवानीपुर को एक मिनी इंडिया और बंगाल की समावेशी पहचान के प्रतीक के रूप में पेश करने की कोशिश की, जहां दशकों से गुजराती व्यापारी, बंगाली परिवार, पंजाबी और मुस्लिम निवासी साथ रहते आए हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ममता ने कहा, मेरा जन्म और पालन-पोषण इसी भवानीपुर में हुआ है।

मेरे जीवन की हर शुरुआत यहीं से हुई है। मैं न केवल भवानीपुर, बल्कि सभी 294 सीटों के लोगों से अपील करूंगी कि वे हमारे उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करें। हम इस बार बड़े जनादेश के साथ जीतेंगे। 2021 के राज्य चुनावों में तृणमूल ने 215 सीटें जीती थीं और उपचुनावों के बाद विधानसभा में उनकी संख्या और बढ़ गई है। बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।