Census 2027 India Update: जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम दौर में; 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, जाति गणना पर बड़ा अपडेट
देश के अगली जनगणना को लेकर सारी तैयारी अंतिम दौर में चल रही है और जल्द ही जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इस बीच जनगणना को लेकर भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner of India) मृत्युंजय कुमार नारायण ने आज सोमवार को 2027 की जनसंख्या गणना से जुड़ी गतिविधियां अब काफी आगे बढ़ चुकी हैं. जनगणना के पहले चरण का फील्ड ऑपरेशन अगले महीने 1 अप्रैल से कुछ राज्यों में शुरू हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना की तुलना एसआईआर से नहीं की जानी चाहिए.
जनगणना आयुक्त नारायण ने बताया कि जनगणना 2027 देश में 2 चरणों में पूरी की जाएगी, और इस बार गणना का काम डिजिटल तरीके से किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहला चरण फाइनल गणना को लेकर एक फ्रेमवर्क के रूप में काम करेगा. इस प्रक्रिया में करीब 31 लाख गणनाकार (Enumerators) और सुपरवाइजर, तथा एक लाख से अधिक जनगणना कर्मचारी लगाए जाएंगे. इसके अलावा, इस बार निवासी खुद भी अपनी गणना (Self-enumeration) कर सकेंगे. खुद से गणना करने की सुविधा केवल उन लोगों के लिए उपलब्ध होगी जो देश में ही रहते हैं.
दूसरे चरण में जाति और धर्म की भी गणना
जनगणना को लेकर नारायण ने कहा, जनगणना 2027 कराने के इरादे की राजपत्र अधिसूचना 16 जून 2025 को ही जारी कर दी गई थी. पहले चरण की अवधि के लिए अधिसूचना 7 जनवरी 2026 को जारी की गई. जनगणना के लिए हाउस लिस्टिंग को काम 1 अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा. जबकि स्वयं गणना हाउस लिस्टिंग से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में पूरी की जाएगी.
नारायण ने जानकारी दी कि दूसरे चरण की गणना से जुड़े सवालों की अधिसूचना अगले कुछ महीनों में जारी कर दी जाएगी. इस चरण के दौरान जाति की भी गणना की जाएगी, क्योंकि कैबिनेट ने इसके लिए अपनी मंजूरी दे दी है. हालांकि, जाति गणना की कार्यप्रणाली (Methodology) को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है. दूसरे चरण में धर्म की गणना भी की जाएगी.
आंकड़े साझा नहीं किए जाएंगेः आयुक्त
जनगणना 2027 के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए आयुक्त नारायण ने बताया कि गणनाकार डेटा इकट्ठा करने के लिए अपने निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करेंगे, जबकि खुद से गणना करने वाला पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिसके लिए 16-अंकों की एक ID भी जारी की जाएगी. ऐसे में जब गणनाकार घर पर आएंगे, तो उन्हें वह ID सौंपनी होगी ताकि दी गई जानकारी का सत्यापन किया जा सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी तरह के दस्तावेज या प्रमाण जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी.
आंकड़ों की गोपनीयता को लेकर आश्वासन देते हुए जनगणना आयुक्त ने कहा कि जनगणना से जुड़े आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा. लोगों से एकत्रित किए गए आंकड़ों का इस्तेमाल अदालती कार्यवाही में भी नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोग अपनी जानकारी पूरी सच्चाई के साथ साझा करें. जनगणना के दौरान दी गई जानकारी की किसी भी तरह की जांच-पड़ताल करने का कोई प्रावधान नहीं है.
देश में कुल 16वां, आजादी के बाद 8वीं और साल 2011 के बाद की यह पहली जनगणना है, क्योंकि हर 10 साल में होने वाली जनगणना 2021 में होने वाली थी, लेकिन COVID-19 महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था. पिछली जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी.