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ब्रिटेन ने दोबारा से अमेरिकी राय पर अपना विरोध जताया

यूरोप को ईरानी मिसाइल से खतरा नहीं है

लंदनः ब्रिटेन सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए यूरोप को निशाना बनाने की योजना बना रहा है।

रविवार, 22 मार्च 2026 को ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री स्टीव रीड ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी खुफिया रिपोर्ट या सैन्य आकलन मौजूद नहीं है जो यह साबित कर सके कि ईरान के पास यूरोप तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता है या वह ऐसा करने का इरादा रखता है। यह बयान उन दावों के जवाब में आया है जो शनिवार को इजरायली रक्षा बलों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए थे, जिसमें कहा गया था कि ईरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो लंदन, पेरिस या बर्लिन तक पहुँच सकती हैं।

बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में ब्रिटिश आवास सचिव स्टीव रीड ने कहा, अभी तक ऐसा कोई तथ्यात्मक आकलन सामने नहीं आया है जो इन बातों की पुष्टि करता हो। उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि ईरान यूरोप को निशाना बनाने की कोशिश भी कर रहा है, और इसकी तो संभावना ही नहीं है कि वे ऐसा कर पाने में सक्षम हैं।

ब्रिटेन का यह रुख उस समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और सूचना युद्ध तेज हो गया है। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह केवल ठोस खुफिया जानकारियों के आधार पर ही अपनी रक्षा नीति तय करेगा।

स्काई न्यूज के साथ एक अन्य बातचीत में, स्टीव रीड से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बारे में पूछा गया। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो वे ईरान के बिजली संयंत्रों को नेस्तनाबूद कर देंगे। इस पर रीड ने बहुत ही नपे-तुले शब्दों में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने बयानों के लिए खुद जिम्मेदार हैं और वे अपनी बात का बचाव करने में पूरी तरह सक्षम हैं। ब्रिटेन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अमेरिका के इस आक्रामक रुख से खुद को अलग रख रहा है।

रीड ने ब्रिटेन की भविष्य की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा, हम इस युद्ध में घसीटे जाने वाले नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्रिटेन क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति को शांत करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। ब्रिटेन का यह संतुलित रुख संकेत देता है कि वह मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहता है, न कि सैन्य उकसावे का।