Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर हंगामा: छात्रों ने तोड़े बैरिकेड्स, सीएम आवास घेराव... रायपुर में रक्षाबंधन की भीड़ से पहले जेवर चुराने वाली 2 शातिर महिलाएं गिरफ्तार: ₹12 लाख के सोने-चांद... खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार बीजापुर में भारी बारिश से उफान पर चिंतावागु नदी: नगर सेना ने बोट से सुरक्षित पार कराई नदी, मरीजों को... कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में रातभर चट्टान पर फंसे रहे 3 दोस्त: 15 घंटे बाद SDRF ने बोट और रस्सी से क... शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अ... नवा रायपुर सेक्टर-12 में बनेगी 120 करोड़ की आवासीय परियोजना: 29 एकड़ में तैयार होंगे 348 HIG और MIG ... रायपुर में ई-बसों के नए रूट पर फैसला: स्कूल-अस्पताल भी जुड़ेंगे; PMAY आवासों के लिए 30 सितंबर की डेड... छत्तीसगढ़ में ड्रॉपआउट बच्चों के लिए 'लइका चिन्हारी' ऐप: घर-घर डिजिटल सर्वे से स्कूलों में दोबारा मि...

Supreme Court on Runaway Couple: ऑनर किलिंग के डर से SC पहुँचा कपल, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी सुरक्षा; हाई कोर्ट से संपर्क करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनर किलिंग की आशंका जाहिर करने वाले एक कपल की याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से साफ इंकार कर दिया है. इसके साथ ही उन्हें तत्काल राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह दी. यह फैसला सीजेआई की बेंच ने सुनाया है.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई को लेकर कहा कि ऐसे मामलों में हाई कोर्ट सबसे उपयुक्त मंच है. इसके साथ ही पीड़ित वहां सुरक्षा के लिए गुहार लगा सकते हैं. वहां आसानी से आपकी बात को सुना जा सकता है.

सुनवाई के दौरान कपल ने क्या दी दलील?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कपल के वकील ने अदालत को बताया कि दोनों को अपने परिवार से गंभीर धमकियां मिल रही हैं. इसके साथ ही उन्हें फांसी पर लटकाने की धमकियां दी जा रही हैं. यह एक बार नहीं बल्कि बार-बार दी जा रही हैं. इसके साथ ही यह आरोप लगाया गया कि नई दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में पुलिस ने दोनों को हिरासत में भी लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में किसी भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है. अदालत ने यह भी कहा कि यदि हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं होती, तो याचिकाकर्ता दोबारा सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं. बेंच ने इस मामले की सुनवाई के दौरान यह संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए कपल को पहले हाई कोर्ट जाने का रास्ता दिखाया, साथ ही यह भी साफ किया कि ऐसे मामलों में अदालतें जीवन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. मतलब साफ है कि अब कपल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.