जम्मू कश्मीर के मौसम में अचानक हुआ बदलाव
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र में ठंडक बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक मौसम के इसी तरह बने रहने और और अधिक बारिश व बर्फबारी की भविष्यवाणी की है। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन के कारण कई महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हुए हैं, जिसके चलते सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाना पड़ा।
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना, सीमा सड़क संगठन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने संयुक्त अभियान चलाकर किश्तवाड़ के सिंथन टॉप और मुगल रोड पर स्थित पीर की गली में फँसे कम से कम 160 लोगों को सुरक्षित बचाया। ये लोग भारी बर्फबारी के कारण लगभग 70 वाहनों में फंस गए थे। इसके अतिरिक्त, भद्रवाह में सथल (बनी) और गुलडांडा के बीच छत्तरगल्ला क्षेत्र में भी बर्फबारी के बीच फंसे आधा दर्जन वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।
कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जिनमें अफरवत, पीर की गली, जोजिला और दूधपथरी शामिल हैं, में सुबह से ही बर्फबारी का दौर जारी रहा। वहीं, पूरी घाटी और जम्मू के मैदानी इलाकों में तेज बारिश हुई। इस मौसम के कारण श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
श्रीनगर में अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सी रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री सी कम है। इसी तरह काजीगुंड में 11.4 डिग्री सी, पहलगाम में 9.4 डिग्री सी और कुपवाड़ा व कोकरनाग में 11.6 डिग्री सी तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री सी से 3.6 डिग्री सी तक नीचे रहा।
प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 5.2 डिग्री सी रहा, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से महज 0.2 डिग्री सी अधिक है। ताजा बर्फबारी ने जहां पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन ने फिसलन और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने की सलाह दी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण क्षेत्र में गीला मौसम जारी रहेगा।