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केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ब्रुसेल्स पहुंचे

यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर रविवार को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स पहुंचे। उनकी यह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा यूरोपीय संघ के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ब्रुसेल्स पहुंचने पर भारतीय दूतावास के कार्यवाहक दूत डॉ. एम. बालाजी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी यात्रा के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि वह आज शाम से शुरू होने वाली बैठकों और यूरोपीय समकक्षों के साथ परामर्श को लेकर आशान्वित हैं।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, डॉ. जयशंकर 15-16 मार्च 2026 तक ब्रुसेल्स के दौरे पर रहेंगे। उन्हें यह निमंत्रण यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कैलास द्वारा दिया गया है। अपनी इस यात्रा के दौरान, वह विदेशी मामलों की परिषद की बैठक में यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। यह मंच वैश्विक कूटनीति, सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक सहयोग पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

यह यात्रा नई दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के ठीक बाद हो रही है। उस शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मेजबानी की थी। शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत और भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गए थे। जयशंकर की वर्तमान यात्रा इन समझौतों को जमीन पर उतारने और कार्यान्वयन की गति को तेज करने पर केंद्रित होगी।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जब वैश्विक व्यवस्था मौलिक रूप से नया आकार ले रही है, तब भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक और विश्वसनीय भागीदारों के रूप में एक साथ खड़े हैं। डॉ. जयशंकर ब्रुसेल्स में न केवल सामूहिक रूप से ईयू के नेताओं से मिलेंगे, बल्कि बेल्जियम और अन्य सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। यह दौरा व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।