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मस्जिद परिसर से सेना जैसी वर्दी और कारतूस बरामद

मेघालय की घटना ने पुलिस को नये सिरे से सतर्क किया

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के विलियम नगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां स्थित एक मस्जिद के परिसर से सेना जैसी दिखने वाली छलावरण (कैमफ्लाज) वर्दी और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की गहन जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर इस बरामदगी ने क्षेत्र में तनाव और सनसनी फैला दी थी, लेकिन पुलिस की जांच में जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया गया।

पूर्वी गारो हिल्स पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि मस्जिद परिसर के भीतर एक किराए के कमरे में जिला कार्यकारी बल का एक पुलिसकर्मी रह रहा था। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उक्त पुलिसकर्मी वर्तमान में वैध अवकाश (छुट्ठी) पर है। वह अपने कमरे में अपना निजी सामान छोड़कर गया था, जिसमें उसकी पुलिस वर्दी, नेम प्लेट, बेल्ट, जूते और सेना जैसी दिखने वाली वर्दी शामिल थी। जांच के दौरान वहां से एक गोला-बारूद का थैला भी मिला, जिसमें 4 जिंदा कारतूस मौजूद थे।

यद्यपि बरामद सामान एक पुलिसकर्मी का था, लेकिन नियमों के अनुसार छुट्टी पर जाते समय सरकारी गोला-बारूद को निजी स्थान पर रखना अवैध है। नियमानुसार, किसी भी पुलिसकर्मी को लंबी छुट्टी पर जाने से पहले अपने कारतूस और हथियार सरकारी शस्त्रागार में जमा करने होते हैं।

इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विलियम नगर थाने में शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सारा सामान जब्त कर लिया है और विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

इस संवेदनशील मामले को देखते हुए मेघालय पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना को लेकर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला एक व्यक्तिगत लापरवाही का है और इसे किसी अन्य रूप में देखना समाज की शांति के लिए घातक हो सकता है।