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देश में ईंधन की कोई कमी नहीं: हरदीप पुरी

एपस्टीन फाइलों के आरोपों से घिरे केंद्रीय मंत्री ने सफाई दी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: ऊर्जा मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को देश को पूर्ण आश्वासन दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से पैदा हुई चिंताओं के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसका सामना इतिहास में पहले कभी नहीं किया गया। लोकसभा में इस गंभीर स्थिति पर बोलते हुए पुरी ने कहा कि भले ही पश्चिम एशिया के संघर्ष में भारत की कोई भूमिका नहीं है, लेकिन इसके परिणामों से देश को कुशलतापूर्वक निपटना होगा।

ऊर्जा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कूटनीतिक प्रयासों को श्रेय देते हुए कहा कि भारत ने कच्चे तेल की उतनी मात्रा सुरक्षित कर ली है, जो बाधित जलडमरूमध्य से प्राप्त होने वाली मात्रा से भी अधिक है। भारत पहले अपनी एलपीजी जरूरतों का 60 फीसद हिस्सा कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आयात करता था।

अब सरकार ने आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाते हुए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से कार्गो सुरक्षित किए हैं। रिफाइनरी निर्देशों के माध्यम से पिछले पांच दिनों में भारत के एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।

देश भर के रेस्टोरेंट्स और घरों में रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत के 33 करोड़ परिवारों की रसोई में ईंधन की कमी न होने देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, भारत की कच्चे तेल और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। ईंधन की खरीद की प्रक्रिया अभी भी जारी है और सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर न पड़े।