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Mission 2029: संसद में महिलाओं की होगी ‘बल्ले-बल्ले’! 33% आरक्षण के साथ बढ़ेगा प्रतिनिधित्व; क्या आपकी सीट भी हो जाएगी महिलाओं के लिए रिजर्व?

2029 के लोकसभा चुनाव में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने को लेकर सरकार गंभीर है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार चाहती है कि अगले लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिले. बताया जा रहा है कि सहयोगी दलों और विपक्ष से चर्चा के बाद ही सरकार इस पर आगे बढ़ेगी. वहीं एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10% महिलाएं हैं.

दरअसल, महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं मे 33% आरक्षण देने के लिए 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम कानून बना था. बताया जाता है कि परिसीमन नहीं होने के कारण ये कानून अभी तक लागू नहीं हो पाया. लेकिन अब सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाने पर विचार कर रही है. ताकि परिसीमन में अगर देरी होती है तब भी 2029 के चुनाव में महिलाओं को इस कानून के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकें. इस कदम का उद्देश्य 2029 तक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना है.

जनगणना प्रक्रिया 1 मार्च 2027 तक पूरी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के अंदर चर्चा चल रही है कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन के जरिए महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग किया जा सके. साथ ही परिसीमन में देरी होने की सूरत में भी इसका लाभ देने की संभावना को तलाशा जा सके. दरअसल अनुमान है कि जनगणना प्रक्रिया 1 मार्च 2027 तक पूरी हो जाएगी और उसके बाद परिणाम प्रकाशित किए जाएंगे. इसके बाद परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा, जिससे परिसीमन लागू करने में कम से कम 23 साल लग सकते हैं, क्योंकि इस बार जनगणना डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है वैसे सामान्यतः इसमें 34 वर्ष का समय लगता है.

महिला आरक्षण विधेयक भी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023, सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा.

464 यानी 10% महिलाएं सांसद और विधायक

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10% महिलाएं हैं. केंद्र सरकार संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने को लेकर बेहद गंभीर है. 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इसकी घोषणा किए जाने की संभावना है.