Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...

TMC Crisis in Bengal: तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट के संकेत; सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे में शामिल होने से ममता को बड़ा झटका

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची कलह अब अपने चरम पर है। पार्टी की संसदीय दल में फूट के संकेत स्पष्ट हैं और अब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।

🚗 दिल्ली में बागी सांसदों की सक्रियता

शनिवार को कोलकाता से दिल्ली पहुंचने के बाद सुदीप बंद्योपाध्याय, बागी सांसद शताब्दी रॉय के साथ एक ही कार में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे। काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में यह बागी खेमा लगातार सक्रिय है और दावा कर रहा है कि उन्हें करीब 20 सांसदों का समर्थन प्राप्त है। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को ये सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलकर अलग गुट बनाने की औपचारिक मांग कर सकते हैं।

👤 सुदीप बंद्योपाध्याय की भूमिका और नाराजगी

सुदीप बंद्योपाध्याय लोकसभा में टीएमसी के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक रहे हैं। हाल ही में उन्हें पार्टी के लोकसभा नेता के पद से हटाकर अभिषेक बनर्जी को यह जिम्मेदारी दिए जाने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वे पार्टी आलाकमान से नाराज चल रहे हैं। यदि वे आधिकारिक तौर पर बागी खेमे में शामिल होते हैं, तो उन्हें इस नए गुट का नेता बनाया जा सकता है, जो ममता बनर्जी की पकड़ को और कमजोर कर देगा।

⚖️ ममता बनर्जी के लिए ‘डबल झटका’ की आशंका

सुदीप बंद्योपाध्याय का पार्टी से जाना ममता बनर्जी के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा नुकसान है। सुदीप के साथ उनकी पत्नी नयना बंद्योपाध्याय भी राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें ममता ने हाल ही में डिप्टी लीडर का पद भी दिया था। अगर सुदीप पार्टी छोड़ते हैं, तो नयना का भी साथ छोड़ना तय माना जा रहा है, जिससे टीएमसी को ‘डबल झटका’ लगना निश्चित है।

⏳ आगे क्या होगा?

रविवार को दिल्ली में बागी सांसदों की एक और महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति की भी चर्चा है। पार्टी के भीतर असंतोष का यह बढ़ता दायरा ममता बनर्जी के नेतृत्व के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है, जिसे संभालना अब उनके लिए आसान नहीं होगा।